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400 साधुओं को नपुसंक बनाए जाने के मामले में सीबीआई ने डाला सिरसा में डेरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
डेरा सच्चा सौदा में 400 से अधिक साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी खट्टा सिंह को सरकारी गवाह बनाते हुए जांच में शामिल किया है। सोमवार को सीबीआई की टीम खट्टा सिंह को लेकर सिरसा पहुंची। इसके बाद खट्टा सिंह को डेरा सच्चा सौदा में ले जाकर निशानदेही करवाई।
पूर्व अनुयायी खट्टा सिंह ने डेरा सच्चा सौदा के छोटे डेरा में जाकर उस जगह की निशानदेही करवाई जहां पर साधुओं को नपुंसक बनने लिए बहकाया गया। सीबीआई ने खट्टा सिंह की निशानदेही को आधार उसके 161 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज किए हैं।
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चार घंटे तक सीबीआई ने खट्टा सिंह को लेकर डेरा सच्चा सौदा में घूमती रही। निशानदेही करवाते हुए खट्टा सिंह ने सीबीआई को यह बताया कि डेरा में साधुओं को नपुंसक बनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई। सीबीआई की टीम बरनाला रोड स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में ठहरी हुई है। खास बात यह है कि जांच के सिलसिले में सीबीआई पहली बार डेरा सच्चा सौदा के अंदर जा पाई है, पहले डेरा प्रबंधन की ओर से कभी भी सीबीआई को डेरा में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
सीबीआई की टीम सुबह करीब नौ बजे डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी खट्टा सिंह को लेकर सिरसा पहुंची। सीबीआई इंस्पेक्टर विजय यादव और इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम सबसे पहले शहर थाना में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद सीबीआई अधिकारी स्थानीय पुलिस के साथ डेरा सच्चा सौदा पहुंचे। सीबीआई टीम खट्टा सिंह को सबसे पहले छोटे डेरा लेकर गई और निशानदेही करवाई। इसके बाद उसे डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय ले जाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई अधिकारी खट्टा सिंह के साथ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की गुफा पहुंचे। गुफा का गेट नहीं खुलने के कारण सीबीआई उसे अंदर लेकर नहीं जा सकी। करीब चार घंटे तक खट्टा सिंह डेरा सच्चा सौदा में निशानदेही करवाता रहा। नपुंसक बनाने के मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने खट्टा सिंह के 161 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज किए हैं। सीबीआई टीम की अगले कुछ दिनों तक सिरसा में ही रहेगी और नपुंसक मामले की जांच को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेगी। सीबीआई खट्टा सिंह के सीबीआई कोर्ट दिल्ली में 164 के कलमबद बयान भी दर्ज करवाएगी।

डॉ. महिंदर से एटीएस जुटा चुकी है ब्यौरा
9 जनवरी को डॉ. महिंदर इंसां को लेकर डेरा सच्चा सौदा आई एसआईटी की टीम ने उससे डेरा में रह रहे साधुओं का ब्यौरा जुटा चुकी है। पंचकूला एटीएस ने उन साधुओं की सूची तैयार की है जो डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गुफा में रहते थे। खास बात यह है कि जिन साधुओं को नपुंसक बनाया गया वे डेरा मुखी की गुफा की देखरेख से लेकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। गुफा की पूरी निगरानी और अंदर का सारा कामकाज इन साधुओं के हवाले ही रहता था। इसके अलावा डेरा मुखी के पहले सुरक्षा घेरे में हरियाणा पुलिस के कमांडो की बजाय इन साधुओं की तैनाती थी। गुरमीत राम रहीम को इन साधुओं पर ही सबसे ज्यादा भरोसा था। डॉ. महिंदर ने एटीएस को डेरा सच्चा सौदा में उन जगहों की निशानदेही करवाई थी जहां पर साधुओं को नपुंसक बनाया गया।
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गुरमीत राम रहीम पर दर्ज हैं केस
डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान ने वर्ष 2012 में हाई कोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि राम रहीम सिंह के आदेश पर उसे और 400 अन्य संतों को डेरा के अंदर जबरन नपुंसक बनाया गया था। सीबीआई जांच की मांग करते हुए चौहान ने आरोप लगाया था कि राम रहीम अनुयायियों को अपने अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की मदद से नपुंसक बनाता है। उन्हें कहा जाता था कि नपुंसकत्व के जरिए उन्हें भगवान से मिलाया जाएगा। मामले में जज ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट ने चौहान के मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए थे, जिसमें नपुंसकता की पुष्टि हुई थी। इसमें राज्य सरकार ने भी एक रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें डेरा प्रमुख से जुड़े सात लोगों के बयान हुए थे। उन्होंने उन्हें नपुंसक बनाने की पुष्टि की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ अंग भंग करने व साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया।
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