करोड़ों की देनदारी छोड़कर फरार हुई फर्म के संचालक लौटे, लेनदारों को 100 रुपये में से 72 रुपये देने पर बनी सहमति
सिरसा। अनाज मंडी से 10 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी छोड़कर फरार हुई फर्म के संचालक शुक्रवार को सिरसा लौट आए हैं। मामले की जांच के लिए बनाई गई 15 सदस्यीय कमेटी के साथ फर्म संचालकों की शुक्रवार को गुप्त स्थान पर बैठक हुई। 12 से 14 घंटे तक चली मीटिंग में आखिरकार सहमति बन गई। हालांकि जांच कमेटी के सदस्यों ने लेनदारों का पूरा भुगतान करने की शर्त रखी, लेकिन फरार फर्म के संचालकों ने 100 रुपये में से 100 रुपये का भुगतान करने में असमर्थता व्यक्त की। फर्म संचालकों ने 100 रुपये के बदले 72 रुपये देने की बात कही, जिस पर लेनदारों ने सहमति जता दी। फर्म के संचालक तीन चरणों में लेनदारों की राशि 31 जनवरी 2019 तक चुकाएंगे। वहीं फर्म संचालक ने फर्म पर दर्ज की गई एफआईआर रद्द करवाने की भी शर्त रखी। लेनदारों ने यह शर्त स्वीकार कर ली फर्म के खिलाफ तीन मामले दर्ज हुए थे।
जांच कमेटी ने मामले में निभाई अहम भूमिका:
लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फर्म के संचालकों के अचानक भूमिगत होने से लेनदार काफी परेशान हो गए। इसके बाद लेनदार आढ़ती 24 नवंबर को एसोसिएशन से मिले और उनके साथ बैठक की। बैठक में कुछ आढ़तियों व लेनदारों ने आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पर ही मिलीभगत के आरोप लगाए थे। जिसके बाद आढ़ती एसोसिएशन ने जांच के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसका प्रधान मनोहर लाल मेहता को बनाया गया। जांच कमेटी ने मंडी में आढ़तियों और लेनदारों का रिकॉर्ड जांचने के साथ संबंधित फर्म के रिश्तेदारों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा। तीन एफआईआर फर्म के खिलाफ दर्ज करवाई गई। इसके बाद रिश्तेदारों ने फर्म के संचालकों से संपर्क साधा और जांच कमेटी को पहले मंगलवार तक सिरसा आने का आश्वासन दिया। मंगलवार को भी कमेटी सदस्य फर्म के संचालकों का इंतजार करते रहे। लेकिन फर्म संचालक नहीं पहुंचे। मंगलवार की सांय को रिश्तेदारों ने फिर जांच कमेटी से वीरवार तक का समय मांगा। जिसके बाद कमेटी सदस्यों ने सहमति जता दी। वीरवार की सांय को फर्म के संचालकों ने जांच कमेटी को सिरसा आने की सूचना दी। जिसके बाद गुप्त स्थान पर कमेटी सदस्यों ने फर्म संचालकों के साथ बैठक की। करीब 12 से 14 घंटे तक चली मीटिंग में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
आढ़तियों ने भाईचारा रखा कायम:
बता दें कि इससे पूर्व भी सिरसा अनाज मंडी में इस प्रकार के कई मामले हुए हैं। कई फर्म संचालक किसी कारणवश लोगों की देनदारी छोड़कर चंपत हो गए। लेकिन अनाज मंडी के आढ़तियों ने किसी भी आढ़ती की समस्या को बजाय रंजिश के आपसी सहयोग से निपटाने का प्रयास किया है। ताकि मंडी के आढ़तियों का भाईचारा कायम रहे। पूर्व की भांति इस बार भी आढ़तियों ने फरार हुई फर्म के संचालकों से बैठक कर उनकी आर्थिक समस्या को समझते हुए समस्या का निदान किया है। जोकि एसोसिएशन का सराहनीय प्रयास है।
कोट्स:
-फरार हुई फर्म और लेनदारों के बीच बैठक में समझौता हो गया है। समझौते के अनुसार फर्म 100 के 72 रुपये देगी। लेनदारों को यह राशि 31 जनवरी 2019 तक देनी होगी। फर्म संचालक पर दर्ज एफआईआर भी रद्द करवाई जाएगी। पूर्व की भांति एक बार फिर आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने भाईचारा कायम रखा है।
-सुरेंद्र मिंचनाबादी, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान, सिरसा।