सस्पेंड किए सरपंच के पक्ष में उतरे ग्रामीण
सिरसा। चोपटा क्षेत्र के गांव निरबाण के सरपंच विकास भांभू को पंचायती भूमि से पेड़ काटने के मामले में सस्पेंड किए जाने से नाराज ग्रामीण वीरवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और डीडीपीओ को एक ज्ञापन सौंपा।
रविंद्र भांभू, योगी कस्वां, संदीप सिंवर शेरपुरा, सुरेश ढाका, सरपंच एसोसिएशन प्रधान सरपंच अनिरुद्ध ढिल्लो, सुभाष सरपंच रायपुर, विनोद सरपंच, भरत सरपंच, राजकुमार सिंवर, महेंद्र नंबरदार, भीम नम्बरदार, रणजीत बालान, पंच सुशील, पंच रामस्वरूप, राजेंद्र श्योराण, लीलू साहू, चन्द्र जांदू, महेंद्र भांभू, रमणीक भांभू, नरेश कस्वां, सतबीर सहारण मन्दोरी, महेंद्र धानक, प्रेम कस्वां ने बताया कि जांच अधिकारी चोपटा बीडीपीओ ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की है। इस मामले की दोबारा से जांच की जानी चाहिए। डीडीपीओ ने 15 दिनों में दोबारा से जांच करवाए जाने का आश्वासन दिया। गौर हो कि वर्ष 2016 में हुए पंचायती चुनाव के दौरान गांव निरबाण में दो प्रत्याशी आमने-सामने थे। चुनावों में विकास भांभू को जीत मिली थी। जबकि उनके विपक्ष में खड़े उम्मीदवार को हार। इसी की रंजिश में करीब आठ माह पूर्व हारने वाले उम्मीदवार ने गांव में पंचायती भूमि से सरपंच द्वारा दर्जनों पेड़ काटे जाने की शिकायत डीसी से की गई थी। डीसी ने जांच चोपटा बीडीपीओ को सौंपी थी। जिसमें बीडीपीओ ने सरपंच को दोषी करार दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने चार दिन पूर्व सरपंच को सस्पेंड कर दिया था।
वहीं बुधवार को सस्पेंड की गई कंगनपुर की महिला सरपंच सुखविंद्र के पक्ष में भी ग्रामीण उपायुक्त से मिलने पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे आत्माराम हांडीखेड़ा, लखवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रोहताश कुमार, मुकेश कुमार, सन्नी खिचड़, बूटा सिंह, प्रीत संधू, ममता, कुलदीप कौर, दीपिका, चंद्र कौर व संदीप कौर ने कहा कि प्रशासन ने चुनावों के वक्त भी प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन करवाई थी। उस वक्त प्रशासन ने प्रमाण पत्र को क्यों नहीं देखा। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जांच कर सरपंच को बहाल किया जाए।