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गोलो मौसी का खुलासा हनीप्रीत इंसां के कहने पर अनुयायियों को दिया था भड़काऊ भाषण

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
पंचकूला व सिरसा हिंसा मामले में गिरफ्तार की गई एक लाख रुपये इनामी गोलो मौसी ने एसआईटी की पूछताछ में खुलासा किया है कि हनीप्रीत इंसां ने उसे अनुयायियों को भड़काऊ भाषण देने को कहा था। 17 अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा में बैठक हुई थी। इस बैठक में हनीप्रीत इंसां, आदित्य इंसां, पवन इंसां, सुरेंद्र धीमान इंसां मौजूद थे। हनीप्रीत इंसां के कहने पर उसे मीटिंग में बुलाया गया।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार गोलो मौसी ने पूछताछ में बताया कि वह डेरा सच्चा सौदा की कट्टर भक्त है और 22 सालों से डेरा सच्चा सौदा में सेवा कर रही हूं। डेरा में जब भी सत्संग होता तो वह लाखों अनुयायियों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए माइक पर बोलती थी। काफी पुरानी सेवादार होने के नाते डेरा प्रबंधन से लेकर सारे अनुयायी उसे मौसी कहकर पुकारते हैं। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर लगे आरोपों से सभी आहत थे। 17 अगस्त को हनीप्रीत इंसां का संदेश लेकर एक सेवादार राकेश कुमार लंगर भवन आया और उससे कहा कि हनीप्रीत दीदी ने तुमको बुलाया है। वहां पहुंचकर हनीप्रीत ने कहा कि पापा को सरकार फंसाने पर तुली हुई है, अनुयायियों तक यह संदेश पहुंचाओ। अनुयायियों से कहना कि गुुुरु जी के खिलाफ फैसला आता है तो चुप नहीं बैठना, अपने गुरु के लिए चाहे जान भी क्यों न देनी पड़े। डेरा मुखी का जन्मदिवस सप्ताह में लाखों अनुयायी डेरा सच्चा सौदा में आए हुए थे। 17 से 24 अगस्त तक अनुयायियों को हिंसा के लिए भड़काऊ भाषण दिए जाते रहे। गोलो मौसी को मजिस्ट्रेट ने दो दिन के रिमांड पर भेजा हुआ है। बुधवार दोपहर को एसआईटी उसे अदालत में पेश करेगी। एसआईटी इंचार्ज अजय शर्मा का कहना है कि गोलो मौसी से एसआईटी ने कड़ी पूछताछ की है। उस पर हिंसा की साजिश में शामिल होने और अनुयायियों को भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। पूछताछ में उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार किया है।
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गौरतलब है कि 25 अगस्त 2017 को पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही डेरा प्रमुख को साध्वी रेप मामले में दोषी करार दिया। लाखों डेरा अनुयायी पंचकूला और सिरसा में हिंसा करने लगे। पेट्रोल बम से सैकड़ों वाहनों व सरकारी संपत्ति को आग लगा दी गई। सिरसा में डेरा अनुयायियों बिजली घर, मिल्क प्लांट को आग लगा दी और सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। पंचकूला और सिरसा में हुई हिंसा में 44 लोगों की मौत हुई।
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