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पुलिस और न्यायिक अधिकारी के बीच हुई बहसबाजी की जांच शुरू

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
नाइट डोमिनेशन अभियान के दौरान पुलिस कर्मियों और दो न्यायिक अधिकारियों के बीच हुई बहसबाजी की जांच शुरू हो गई है। इस घटना के बाद से दोनों ही पक्षों में तनातनी बनी हुई है। न्यायिक अधिकारी ट्रैफिक थाना प्रभारी को कोर्ट में तलब करके काफी लताड़ लगा चुके हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सत्र न्यायालय में आलम यह हो चला है कि पुलिस कर्मियों को अदालत के अंदर बैठने तक नहीं दिया जा रहा। पुलिस अधिकारियों को बाहर खडे़ होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल की रात को पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिला पुलिस ने नाइट डोमिनेशन अभियान चलाया था। देर रात मिनी बाईपास रोड पर सामने आ रही एक कार को गश्त कर रहे पुलिस कर्मियों ने रुकवाया। कार में दो लोग सवार थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें कागजात दिखाने के लिए कहा तो उक्त दोनों ने कहा कि वे न्यायिक अधिकारी हैं। पुलिस कर्मियों को लगा कि ये लोग झूठ बोल रहे हैं। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को मौके पर बुला लिया। ट्रैफिक थाना प्रभारी ने भी दोनों को कार साइड में लगाने को कहा, लेकिन वे कार साइड में लगाने की बजाय कार स्टार्ट करके चले गए। पुलिस ने कार नंबर नोट करके ई चालान भेजने की तैयारी कर ली।
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एसपी से की शिकायत
अगले दिन दोनों न्यायिक अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को घटना के बारे में बताया। इसके बाद ट्रैफिक थाना प्रभारी जय भगवान कोर्ट पहुंचे जहां पर ट्रैफिक थाना प्रभारी को काफी लताड़ लगाई गई। इस घटना के बाद पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के ऐसी तनातनी हो गई है कि 21 अप्रैल को गवाही पर आए डीएसपी रैंक के एक अधिकारी को अदालत से बाहर निकाल दिया गया।
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दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस मामले की शुरूआती जांच में यह बात सामने आई है कि नाइट डोमिनेशन में पुलिसकर्मी वाहनों की तलाशी ले रहे थे। एक कार में दो लोग सवार थे जिन्होंने शराब पी रखी थी। उक्त लोगोें ने पुलिस कर्मियों से अभद्र भाषा में बात की और स्वयं को न्यायिक अधिकारी बताया। कार में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था, इसलिए पुलिस कर्मियों ने उक्त लोगों को आम आदमी समझा। बाद में पता चला कि दोनों शख्स न्यायिक अधिकारीहैं। उनकी शिकायत है कि पुलिस कर्मियों ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। गंभीरता से मामले की जांच की जा रही है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-नरेंद्र बिजारनिया, जांच अधिकारी एवं एएसपी सिरसा।
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