सिरसा। नलबंदी ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से महिला की मौत के मामले में शहर थाना पुलिस ने देर शाम चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी व उनके पति डॉ. आर के जैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। कष्ट निवारण समिति की बैठक में पीड़ित परिवार की शिकायत पर राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव हंजीरा निवासी सुभाष ने राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को बताया था कि उसकी बेटी सरोज को मई 2017 में नलबंदी के ऑपरेशन हेतु सिरसा सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी जैन ने उसकी बेटी का ऑपरेशन अपने पति डॉ. आरके जैन के अस्पताल जैन ऑर्थो में करवाने को कहा। आरोप है कि डॉ. सुभाषिणी व डॉ. आरके जैन ने जल्दबाजी में सरोज को चेकअप व टेस्ट कराए बिना ही बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया। इंजेक्शन देते ही सरोज कोमा में चली गई। तीन महीने कोमा में रहने के बाद सात अगस्त 2017 को सरेाज की मौत हो गई। शिकायतकर्ता पिता ने अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार डॉ. सुभाषिणी व डॉ. आरके जैन को ठहराया। इस संबंध में पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सहारण का कहना है कि पुलिस ने आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ धारा 304 के तहत अभियोग दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।