संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव चौटाला में 23 साल पहले हुए शीशपाल हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी आहला राम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। न्यायालय ने इस मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया है।
इस मामले में सदर थाना डबवाली पुलिस ने मई 2000 में अभियोग दर्ज किया था। मामले के अनुसार 16 मई 2000 को गांव चौटाला निवासी गोबिंद राम का पुत्र शीशपाल घर में सोया हुआ था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे गांव चौटाला निवासी आहला राम, दारा सिंह निवासी सिगलीगर मोहल्ला हनुमानगढ़ व कृष्ण लाल हथियारों से लैस होकर आए। इस दौरान आहला राम ने पिस्तौल से शीशपाल को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक शीशपाल के पिता गोबिंद राम का बयान दर्ज कर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। वारदात को अंजाम देकर तीनों आरोपी फरार हो गए। 23 फरवरी 2001 को न्यायालय ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। 21 वर्षों तक फरार रहने के बाद 20 जून 2021 को आहला राम पुलिस के हत्थे चढ़ा। सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने अहला राम को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी। आरोपी दारा सिंह व कृष्ण को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।