संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नई वार्डबंदी पर आईं आपत्तियां और शिकायतें सुनने के लिए सोमवार को लघु सचिवालय में बुलाई गई बैठक में अधिकारियों के विलंब से पहुंचने पर शिकायतकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। दो घंटे देरी से एसडीएम पहुंचे और माहौल शांत किया। शिकायतकर्ताओं ने सर्वे एजेंसी पर गलत तरीके से लापरवाही करते हुए काम करने के आरोप लगाए। इसके साथ ही मांग की कि दोबारा सर्वे करवाया जाए और भुगतान भी रोका जाए। निवर्तमान पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
सरकार के आदेश पर नगर परिषद की ओर से सर्वे करवाया गया है, ताकि नए सिरे से वार्डबंदी की जा सके। इसके लिए एजेंसी को काम सौंपा गया था और निर्देश थे कि डोर-टू-डोर जाकर जाति आधारित जनगणना करें। एजेंसी ने काम खत्म कर लिया है। इसके बाद प्रशासन ने आमजन से आपत्तियां भी आमंत्रित की, ताकि यदि कोई गलती रह गई हो तो उसमें सुधार किया जा सके।
बताया जा रहा है कि आपत्ति दर्ज करने के लिए रविवार तक का समय था। इस दौरान निवर्तमान पार्षदों और आमजन की ओर से 39 शिकायतें और आपत्ति दर्ज की गई। इन आपत्ति पर सुनवाई के लिए सोमवार को बैठक नगर परिषद के प्रशासक एसडीएम डॉ. जयवीर यादव ने बुलाई थी। बैठक में सभी आपत्ति दर्ज करने वालों के साथ-साथ जिला नगर योजनाकार, तहसीलदार सिरसा, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद के एक्सईएन और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को शामिल होना था। हालांकि बैठक में तहसीलदार और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन अन्य अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। एसडीएम डॉ. जयवीर यादव अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण दोपहर एक बजे बैठक में शामिल हुए।
दो शिकायतें सुनते ही काम हो गया बाधित
सभी शिकायतकर्ता निर्धारित समय सुबह 11 बजे बैठक कक्ष में पहुंच गए, लेकिन शिकायत सुनने वाले अधिकारी नहीं पहुंचे। बैठक में मौजूद, निवर्तमान पार्षद विकास जैन, विकास गुज्जर, कौशल्या वर्मा, कपिल वर्मा, सुनील बहल, अमित सोनी, रेणू बाला, बलदेव राज, पुनिता रानी ने इस पर नाराजगी जताई। बैठक में तहसीलदार के समक्ष उक्त लोगों ने कहा कि हमें तो बुला लिया, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी स्वयं नहीं आए। इस पर तहसीलदार ने एक-एक कर शिकायत सुनने का सिलसिला शुरू किया, लेकिन दो शिकायतें सुनते ही काम बाधित हो गया। काफी इंतजार के बाद एसडीएम डॉ. जयवीर यादव बैठक में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपनी समस्या और आपत्ति बताई। एसडीएम ने कहा कि सभी की शिकायतें दर्ज कर ली जाएं, ताकि आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके।
जानिये...बैठक में कौन क्या बोला
विकास जैन, निवर्तमान पार्षद
1. वार्ड 16 के निवर्तमान पार्षद विकास जैन ने कहा कि सर्वे के दौरान भौगोलिक नियम की अवहेलना की गई है। शहर में नई वार्डबंदी करते समय वार्ड 16 की सीमाएं करीब 10 किलोमीटर तक फैला दी गई है। इस वार्ड का एक हिस्सा शहर के मुख्य बाजार को लगता है, जबकि दूसरा सिरा शहर की उत्तरी सीमा में चत्तरगढ़पट्टी, जबकि तीसरा सिरा बरनाला रोड स्थित महिला थाना व किसान चौक को छूता है। इस प्रकार ये वार्ड शहर के बीचोबीच होते हुए पूरे शहर के सभी वार्डों के दो क्षेत्रफल के समान अकेला हो गया है।
2. जनसंख्या व जातिगत आधारित सर्वे भी गलत कर दिया गया है। वार्ड 15 का सर्वे पूरी तरह गलत कर दिया गया है। विकास जैन ने बताया कि ब्लॉक नंबर 438 में गड़बड़ है। इसलिए सर्वे की दोबारा जांच करवाई जाए और एजेंसी भुगतान रोका जाना चाहिए।
3. सर्वे को ग्राउंड लेवल पर करने के बजाय एक जगह बैठ करके पूरा कर दिया गया है। वार्डबंदी के अनुसार वार्ड 11 की जनसंख्या 7747 है, लेकिन वास्तव में ये आंकड़ा कुछ ओर है। विकास जैन ने बताया कि 11 नंबर वार्ड में कुल 2459 मकान है और 12470 की जनसंख्या है। इसलिए जांच कमेटी बैठाकर सर्वे की जांच करवाई जाए और दोबारा सर्वे करवाएं।
विकास गुज्जर, निवर्तमान पार्षद
1. सर्वे में भारी अनियमितताएं हैं। वार्ड 25 में लगभग हर गली में अनुसूचित जाति के परिवार की आबादी हैं, लेकिन सर्वे में ये गलत कर दिया गया है। वार्ड के 54 ब्लॉक में से 34 ब्लॉक में एससी की जनसंख्या शून्य दर्शा दी है, जबकि वास्तविकता ये है कि पूरे वार्ड में अनुसूचित जाति के परिवारों की संख्या है।
2. पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या को प्रशासन की ओर से हर वार्ड में छिपाया जा रहा है।
सर्वे में बताया गया है कि वार्ड 13 में एससी जाति के 65 घर हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 424 है। सर्वे में एससी जाति की जनसंख्या कुल 1256 दिखाई है, ये गलत है। उन्होंने कहा कि ये सर्वे दोबारा करवाएं और जांच करवाई जाए।
कौशल्या वर्मा, निवर्तमान पार्षद
सर्वे के दौरान पिछड़ा वर्ग और सामान्य जाति के लोगों की संख्या 6251 दिखाई गई है, जबकि ये वास्तविकता से अलग है। सर्वे गलत किया गया है, इसे ठीक करवाया जाए।
कपिल कुमार, आमजन
रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे
बैठक सोमवार को हो गई है। कुछ अन्य व्यस्तता थीं, इसलिए थोड़ी देरी से पहुंचे। वैसे आपत्तियां दर्ज कर ली गई हैं और इसकी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में भेज दी जाएगी। आगामी आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. जयवीर यादव, एसडीएम, सिरसा।
एसडीएम को नक्शा दिखाते निवर्तमान पार्षद विकास जैन। संवाद- फोटो : Sirsa