सिरसा। हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। आचार संहिता के तहत कोई भी व्यक्ति 50,000 रुपयों से अधिक की नकद राशि लेकर इधर-उधर नहीं जा सकता। यह नियम आढ़तियों, व्यापारियों व किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। चुनाव आयोग को इस नियम से आढ़तियों, व्यापारियों व किसानों को छूट देनी चाहिए।
यह बात आढ़ती एसोसिएशन सिरसा के प्रधान मनोहर मेहता ने आज एक बयान में कही। मनोहर मेहता ने कहा कि फसल का सीजन चल रहा है। कुछ दिन बाद फसल की खरीद भी शुरू हो जाएगी। किसानों को खाद-बीज व अपनी जरूरत के लिए आढ़तियों से रुपये लेने पड़ते हैं। आढ़ती बैंकों से रुपये निकलवाकर किसानों को देते हैं। जब आढ़ती बैंक से रुपये लेकर आते हैं तो पुलिस नाका पर पुलिस कर्मी उन्हें रोक लेते हैं। आचार संहिता का हवाला देते हुए नकदी जब्त कर ली जाती है। उधर किसान भी जब फसल व घर खर्च के लिए आढ़ती से नकद रुपये लेकर जाता है तो उसे भी पुलिस कर्मी रोक लेते हैं और 50,000 रुपयों से अधिक की नकदी होने पर जब्त कर ली जाती है। इससे आढ़ती व किसान, दोनों ही परेशान हैं।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग करते हुए कहा कि इस नियम से आढ़तियों को छूट देनी चाहिए क्योंकि आढ़तियों को रोजाना लाखों रुपयों का लेन देन करना होता है। एक अक्तूबर से धान की खरीद भी आरंभ हो जाएगी। ऐसे में किसानों को तुरंत भुगतान करना होता है जबकि आचार संहिता तो मतगणना तक लगी रहती है। ऐसे में आढ़तियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान मनोहर मेहता ने कहा कि वे इस संबंध में हरियाणा चुनाव आयोग को एक पत्र भेजेंगे ताकि पूरे प्रदेश में आढ़तियों, व्यापारियों व किसानों को नकदी लेन देन के मामले में छूट मिल सके।