सिरसा। इस वर्ष फरवरी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम शनिवार को जारी हो गया है। इस वर्ष भी सिरसा नगर परिषद का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। बीते वर्ष के मुकाबले सिरसा की रैंकिंग में 16 अंकों की गिरावट हुई है। शहर में खुले में कूड़ा, नगर परिषद में कर्मचारियों की कमी और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब होने के कारण रैंकिंग भी पहले से गिरी है। हालांकि कालांवाली, रानियां, डबवाली और ऐलनाबाद की रैंकिंग में बीते वर्ष के मुकाबले सुधार देखने को मिला है।
शनिवार को जारी हुए परिणाम में सिरसा का रैंक 238 से खिसककर 254 तक पहुंच गया है। हालांकि वर्ष 2020 में सिरसा की रैंकिंग 176 पर रही थी। ऐसे में दूसरे वर्ष भी सिरसा की रैंकिंग लगातार गिरी है। दो वर्षों में कुल 78 अंक सिरसा की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जनवरी-फरवरी माह में टीम ने सिरसा के अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया था, जिसमें टीम को शहर में कई तरह की बड़ी खामियां देखने को मिली थी।
शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सफाई कर्मचारियों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन को फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव के कारण रैंकिंग गिरी है। इतना ही नहीं सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु और डंपिंग स्टेशनों में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुआ है।
यह रही बीते तीन वर्षों की रैंकिंग
शहर, 2018, 2019, 2020, 2021, 2022
सिरसा, 291, 270, 176, 238, 254
मंडी डबवाली, 318, 737, 65, 51, 27
ऐलनाबाद, 130, 260, 71, 146, 69
कालांवाली, 272, 481, 255, 547, 56
रानियां, 110, 403, 120, 74, 42
कालांवाली की रैंकिंग में हुआ सुधार
बीते वर्ष कालांवाली की रैंकिंग लुढ़क कर 547 तक पहुंच गई थी। ऐसे में नगर पालिका के प्रयासों के बाद रैंकिंग में 491 अंक की रिकवरी की है और अब सर्वेक्षण में कालांवाली को 56 रैंक प्राप्त हुई है। वहीं, डबवाली की बात करते तो बीते वर्ष डबवाली की 51 अंक मिले थे। जिसके बाद यह अब बढ़कर 27 तक पहुंच गई थी। रानियां और ऐलनाबाद ने भी रैंकिंग में काफी सुधार किया है। रानियां की बीते वर्ष 74वीं रैंक मिली थी, जो कि इस वर्ष बढ़कर 42 तक पहुंच गई है। वहीं, ऐलनाबाद की 146 रैंक बीते वर्ष रही, जो कि इस वर्ष बढ़कर 69 तक पहुंच गई है। हालांकि सिरसा शहर का प्रदर्शन बेहद खराब होने के कारण स्थिति भी खराब रही है।
सुधार को लेकर किए जाते हैं प्लान तैयार लेकिन स्थिति में नहीं होता सुधार
नगर परिषद की ओर से शहर में कूड़ा प्रबंधन, शौचालयों की स्थिति में सुधार करने सहित अन्य कार्य करवाने को लेकर प्लान तैयार किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाता। नतीजतन स्वच्छता सर्वेक्षण में सिरसा लगातार दूसरे वर्ष भी पिछड़ता हुआ नजर आया है।
स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम जारी हुआ है, जिस पर अब मंथन कर रहे हैं। - जतिन गोयल, स्वच्छ भारत मिशन इंचार्ज, नगर परिषद, सिरसा।