छठ पर्व के अवसर पर घाट पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़ व अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देते व्रतधारी। संवा?
- फोटो : Sirsa
सिरसा। छठी मैया के जयकारे लगाते हुए नहरों पर बने घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। व्रत धारियों ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। अब सोमवार सुबह उदय होते सूर्यदेव को श्रद्धालु अर्घ्य अर्पित कर छठ पूजा संपन्न करेंगे और प्रसाद ग्रहण कर व्रत खोलेंगे।
सिरसा में दिल्ली पुल स्थित छठ घाट पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि ओडिशा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने शिरकत की। छठव्रतियों ने केले, गुब्बारों व लाइटिंग से जल स्रोत को सजाया हुआ था। जल स्रोत के पास ही फल व सब्जियां रखी हुई थी। व्रती महिलाओं ने जलस्रोत में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
नहाय खाय से आरंभ हुआ था छठ पर्व
बिहार, झारखंड, पूर्वांचल भारतीयों का प्रमुख त्योहार छठ महापर्व की शुरुआत दीपावली के बाद से होती है। चार दिन तक चलने वाला छठ महापर्व के पहले दिन को नहाय खाय कहते है। नहाय खाय से इसकी शुरुआत होती है। दूसरे दिन व्रती शाम में खरना करती हैं और प्रसाद खाने के बाद उनका 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। तीसरे दिन डूबते हुए भगवान सूर्य को व्रती अर्घ्य देती हैं। चौथे और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व संपन्न हो जाता है। व्रती गंगाजल या पवित्र नदियों का जल पीकर 36 घंटे का उपवास तोड़ती हैं।
घाट पर तैनात रहा पुलिस बल
छठ पर्व को लेकर दिल्ली पुल व डबवाली रोड स्थित नहर पर बने घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए पहुंचे। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से यहां पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। लगातार घाटों पर गश्त करते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर वर्दी तथा सादी वर्दी में पुरुष तथा महिला जवान गश्त करते नजर आए।
दिल्ली पुल स्थित नहर पर बने घाट पर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Sirsa