सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में अनियमितताओं के कारण विवादों के घेरे में है। इस विश्वविद्यालय में गैरकानूनी तरीके से अनुबंध आधार पर भर्तियां, पदोन्नति में भेदभाव, करंट ड्यूटी चार्ज के नाम पर पदोन्नति करने का आरोप लगाया गया है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शहर के एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता में पूर्व सरपंच ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। आरोप लगाए हैं कि शिकायतों के बावजूद न जांच हो रही और न ही कार्रवाई।
रोतक के गांव सिंहपुरा के पूर्व सरपंच रणववीर सिंह पावड़िया ने कहा कि सीडीएलयू में पिछले काफी समय से भर्तियों में गड़बड़झाला किया जा रहा है। नजराना लेकर कर्मचारियों को बैक डेट में ज्वाइन करवाकर मोटे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुछ समय पूर्व आऊटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत भर्तियां बंद कर दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी नियमों को दरकिनार कर बैक डेट में 70 से 80 कर्मचारियों की भर्तियां कर डाली।
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
पूर्व सरपंच ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मांगी, जोकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उपलब्ध नहीं करवाई। पूरे प्रकरण की आरटीआई के तहत जानकारी भी मांगी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से उसे कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने राज्यपाल, सीएम विंडो, शिक्षा मंत्री व गृह मंत्री को लिखित में शिकायत दी, लेकिन अभी तक किसी ने भी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। इतना ही नहीं सीएम विंडो की शिकायतों को विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्वयं ही उसे बिना बुलाए डिस्पोज ऑफ कर दिया।
नैक टीम के दौरे पर भी किया अनावश्यक खर्च
पूर्व सरपंच रणवीर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व नैक की टीम विश्वविद्यालय में जांच के लिए आई, जिसपर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से लाखों रुपये अनावश्यक खर्च किया गया, जबकि उन्हें सरकार की ओर से टीए-डीए मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मामला उठने लगा तो कुलपति के पीए ने फोन कर उसे शिकायत वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी। इस पर उसने तुरंत एसपी सिरसा को भी सुरक्षा के लिहाज से शिकायत दी, ताकि उसके साथ कोई अप्रिय घटना न हो।
शिकायत आई है जांच करवाएंगे : रजिस्ट्रार
शिकायत आई है, इसकी जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि अभी ये कंफर्म नहीं है कि शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र जमा करवाया है या नहीं।
---डॉ. राजेश बांसल, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा।