नहर टूटने के बाद पेड़ लगाकर रोकते किसान।
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ओटू से आने वाली एनजीसी नहर के बांध कमजोर होने व नहर में पानी अधिक आने के कारण रानियां शहर के समीप पूर्व की ओर टूट गई। किसानों की 5 घंटे की कड़ी मशक्त के बाद नहर को बांधा गया। लेकिन जब तक नहर बंधी तब तक किसानों की 50 एकड़ फसल पर पानी फिर गया था। इस मौके पर किसानों ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही व प्रशासन की बेरूखी के कारण ही नहर टूटी है। उन्होंने कहा कि नहर में पानी आए काफी समय हो गया है और नहर के बांध भी उतने मजबूत नहीं है, जो पानी को मजबूती के साथ रोक सकें। जैसे ही घग्घर में पानी आया तो विभाग के कर्मचारियों ने नहर में पानी छोड़ दिया। विभाग द्वारा पानी पूरी मात्रा में छोड़ा गया। लेकिन नहर के बांध कमजोर थे। जैसे ही नहर में पूरा पानी छोड़ा गया तो कमजोर बांध की जगह नहर टूट गई। किसान खेतों में काम रहे थे तो वे जल्दी से बांध का बांधने के लिए भागे और पड़ोस के किसानों को सूचना दी और विभाग को भी सूचना दी गई। ओटू हैड से पानी को बंद कर दिया गया और सिंचाई विभाग के एसडीओ सुधीर अपनी टीम लेकर पहुंचे।