सिरसा। फर्जी जमानती बनकर आरोपियों को अदालत से जमानत दिलाने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। खासकर चेक बाउंस के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत में। यहां बठिंडा के रहने वाले कैलाश नामक व्यक्ति ने अमनजोत सिंह के नाम से फर्जी जमानती बनकर 16 अगस्त 2022 को एक आरोपी को जमानत दिला दी।
इसका खुलासा तब हुआ जब असल अमनजोत सिंह अदालत समक्ष पेश हुआ और उसने न्यायाधीश विशाल को बताया कि उसने किसी की जमानत नहीं दी। वह तो चेक बाउंस के इस मामले में जो आरोपी है उसे जनता तक नहीं। इसके बाद न्यायालय ने सिविल लाइन थाना पुलिस ने फर्जी जमानती कैलाश व आरोपी अरविंद्र के खिलाफ अदालत से धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
6 जनवरी को भी इस प्रकार का मामला सामने आया था। मामले के अनुसार अदालत में चेक बाउंस के संबंधित एक मामला चल रहा है। जिसमें इंद्रजीत ग्रोवर आरोपी है। 5 जनवरी को अदालत समक्ष गांव केलनिया निवासी महावीर उपस्थित हुआ। उसने अदालत में एक हलफनामा प्रस्तुत किया। जिसमें यह उल्लेख किया गया कि उसका आधार नंबर 952356165997 है और ये उसके पास ही है। चेक बाउंस के मामले में एक नोटिस उसे मिला है। जिसमें कहा गया है कि वह अभियुक्त इंद्रजीत ग्रोवर का जमानती है। महावीर ने अदालत को बताया कि उसने कोई जमानत नहीं दी और न ही वह अभियुक्त को जानता। उसकी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है और अदालत में उसके आधार कार्ड की फर्जी कॉपी रिकार्ड में लगा दी गई है। इसलिए जाली पहचान एवं दस्तावेज बनाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।