संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। पंचायत राज विभाग की ओर गांवों में बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए 18 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। इनमें रोड़ी, पन्नीवाला मोटा, देसूखुर्द, किराडकोट आदि गांव शामिल है। इनका मकसद ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बस स्टैंड पर छत मुहैया करवाना है।
कालांवाली क्षेत्र के गांवों में बस क्यू शेल्टर नहीं होने से ग्रामीणाें और कॉलेज के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ग्रामीण और छात्र विरोध जता चुके हैं।
लिखित में उपायुक्त व सरपंचों को बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग कर चुके हैं। बस स्टैंड पर क्यू शेल्टर नहीं होने के कारण लोग गोबर आदि डालने लग जाते हैं और धीरे-धीरे कब्जा कर लेते हैं। आचार संहिता से पहले पंचायती राज विभाग की ओर से टेंडर लगाए गए थे। राजनीतिक उठा पटक में सभी के मशगूल होने से एजेंसियां नहीं आईं। इस कारण अब पंचायती राज विभाग को दोबारा बस क्यू शेल्टर के टेंडर लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बनवाया था बस क्यू शेल्टर
रोड़ी कस्बे में बस स्टैंड पर बस क्यू शेल्टर नहीं था। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर बस क्यू शेल्टर बनाया, ताकि बस स्टैंड पर बैठने व सिर छुपाने की जगह मिल सके। बारिश, सर्दी और गर्मी के मौसम में बुजुर्ग व महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती थी।
गांवों में बस क्यू शेल्टर बनाने के लिए 18 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। इनमें रोड़ी, पन्नीवाला मोटा, देसूखुर्द, किराडकोट आदि गांव शामिल हैं। - गौरव भारद्वाज, एक्सईएन पंचायती राज