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Sirsa News: आधे घंटे में दो बैरिकेड तोड़ उपमुख्यंमत्री आवास से 10 मीटर दूर आशा वर्कर्स ने डाला पड़ाव

Wed, 18 Oct 2023 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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​सिरसा में उपमुख्यमंत्री आवास पर पड़ाव डालने के लिए पुलिस के साथ जोर अाजमाइश करतीं आशा वर्कर्स।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। वेतन बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर्स ने बुधवार को 24 घंटे के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास से 10 मीटर दूर पड़ाव डाल दिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने तीन जगह पर बैरिकेड लगाए थे। इनमें से दो स्थानों पर लगे बैरिकेड को आशा वर्कर्स ने आधे घंटे उखाड़ दिया। इसके बाद तीसरी जगह पर पहुंचकर पड़ाव डाल दिया। इस दौरान पुलिस और आशा वर्कर्स के बीच धक्का मुक्की हुई। आशा वर्कर्स ने पुरुष पुलिस कर्मचारियों पर उनसे धक्का मुक्की के आरोप लगाए। रात के समय भी आशा वर्कर्स टेंट लगाकर धरने पर बैठी रहीं।
बुधवार को प्रदेशभर की आशा वर्कर्स सिरसा के लघु सचिवालय में पहुंचीं। यहां पर उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर 12 बजे आशा वर्कर्स रोष मार्च निकालते हुए उपमुख्यमंत्री आवास के बाहर 24 घंटे पड़ाव डालने के लिए निकल पड़ी। मार्च में 350 से ज्यादा आशा वर्कर्स शामिल रहीं। वर्कर्स को रोकने के लिए पुलिस ने बरनाला रोड स्थित बाबा भूमण शाह चौक पर बैरिकेड लगाकर आवाजाही बाधित कर दी, जबकि दो अन्य स्थानों पर भी बैरिकेड लगा दिए। आशा वर्कर्स से बाबा भूमण शाह चौक पर पहुंचीं तो पुलिस के साथ संघर्ष शुरू हो गया। करीब पांच मिनट में ही आशा वर्कर्स यहां के बैरिकेड उखाड़कर आगे पहुंच गई। इससे 100 मीटर की दूरी पर लगे बैरिकेड पर महिला पुलिस और पुरुष पुलिस जवानों ने वर्कर्स को रोक लिया। आशा वर्कर्स ने यहां पर भी धक्का मुक्की करते हुए रोष जारी किया। करीब 20 मिनट तक आशा वर्कर्स यहां पर पुलिस के साथ उलझती रहीं। इसके बाद में बैरिकेड तोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गई। तीसरे स्थान पर पक्का प्रबंध किया होने के कारण आशा वर्कर्स बैरिकेड नहीं उखाड़ पाई। पुलिस ने वर्कर्स को यहीं पर ही रोक लिया। वर्कर्स ने मंत्री आवास से करीब 10 मीटर दूरी पर ही पड़ाव डाल दिया। इस दौरान डीएसपी जगत सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, महिला थाना पुलिस बल तैनात रहा।
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पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार करने का आरोप
आशा वर्कर्स यूनियन की जिला कोषाध्यक्ष शिमला झोपड़ा ने प्रदर्शन की अध्यक्षता की और मंच संचालन सुलोचना व रेखा रानी ने किया। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान दर्शना रानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है। आशाओं के साथ पुरुष पुलिस कर्मचारियों ने धक्का मुक्की की है, जोकि सरासर गलत हे। उन्होंने पहले ही पड़ाव डालने के लिए नोटिस दिया गया था, फिर भी पुलिस की ओर से उन्हें रोका गया है। इस दौरान कई आशा वर्कर्स को चोटें भी आई हैं।

आशा वर्कर्स कीं मांगें

न्यूनतम वेतन 26000 रुपये दिया जाए।
ईएसआई-पीएफ का लाभ दिया जाए।

रिटायरमेंट का आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।
सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
कोरोना काल में आशा वर्कर्स की मौत मामले में परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए।


टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और सर्वे के रुके काम
बच्चों को टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, महिला स्वास्थ्य जुड़े सर्वे आदि के काम प्रभावित हो रहे है। इसके अलावा बीते दिन एडीसी ने स्कूलों में बच्चों को वोट बनाने के लिए प्रेरित करने का काम भी आशा वर्कर्स को सौंपा है। हड़ताल में कारण यह काम भी प्रभावित होगा।
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वर्जन
आशा वर्कर्स एक्सपर्ट होती है। इनके हड़ताल पर चलने परेशानी हो रही है। जनता ज्यादा परेशान न हो, इसके लिए आशा वर्कर्स का काम एएनएम को दिया हुआ है। - डॉ. महेंद्र कुमार भादू , सीएमओ
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