सिरसा। भारतीय जनता पार्टी ने पूरे जोश के साथ पंचायत चुनाव में उतरने का दावा किया और जिला परिषद चुनाव पार्टी चिह्न पर लड़ने का दावा ठोका। लेकिन एक ही पार्टी के कई प्रत्याशी मैदान में आ गए। ऐसे में समस्या हो गई। अब भाजपा संगठन ने मंथन करने का मन बनाया है। यही स्थिति रही तो आगामी नगर परिषद चुनाव और विधानसभा चुनाव में और अधिक समस्याओं का सामना पार्टी को करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर दिखाई देगा।
भाजपा पदाधिकारियों में आपसी खींचतान किसी से छिपी नहीं है। ऐलनाबाद उपचुनाव में आपसी खींचतान और भीतरघात का परिणाम सभी देख चुके। यही हाल इस बाद पंचायत और जिला परिषद चुनाव में हुआ। पार्टी के नेताओं ने ही संगठन की न मानते हुए मनमर्जी चलाई। इसका सीधा नुकसान भाजपा को ही हुआ। अब शिकायतों का दौर शुरू होगा और उसके बाद मंथन का। भाजपा ने दावा किया था कि जिला परिषद चुनाव में सभी वार्डों के प्रत्याशी पार्टी चिह्न पर उतारे जाएंगे। लेकिन केवल 10 प्रत्याशियों को पार्टी का निशान दे पाए। इसके अलावा 9 आजाद प्रत्याशियों को समर्थन दिया। 5 वार्ड खाली छोड़ दिए गए। इस पर भी पार्टी चिह्न पर जीतकर आने वाले का एक भी आंकड़ा भाजपा नहीं छू पाई। अब भाजपा नेता जीतकर आने वाले आजाद प्रत्याशियों को अपना बताकर दिल को तसल्ली दे रहे हैं। जल्द ही सिरसा और कालांवाली के नगर परिषद के चुनाव होने हैं। इतना ही नहीं करीब दो वर्ष बाद विधानसभा चुनाव का भी सामना करना पड़ेगा। यदि यदि हाल रहा तो भाजपा जनाधार कैसे बढ़ा पाएगी, ये बड़ा सवाल है।
निताशा का छलका दर्द- बोली पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों ने मुझे हराया
ऐलनाबाद। जिला परिषद के चुनावों में चर्चित रहे जिला परिषद के जोन नंबर 9 से हारी भाजपा प्रत्याशी निताशा सिहाग का अंदरूनी दर्द रविवार को पूरी तरह से सामने आया। निताशा को जिला परिषद के इस जोन से पार्टी के ही कुछ नेताओं के भीतरघात का सामना करना पड़ा था। जिसके चलते उनको हार का सामना करना पड़ा और वह इस जोन से तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने कहा कि वह लोगों के साथ हमेशा खड़ी रही है और भविष्य में भी खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में क्या दम था। निताशा ने कहा कि भीतरघात के कारण ही उनको हार का सामना करना पड़ा है। कुछ लोगों ने सार्वजनिक तौर पर मेरा विरोध नहीं बल्कि कमल के फूल का विरोध किया था। पार्टी के प्लेटफार्म पर इस बात को पूरी निडरता के साथ रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर इस जोन में उनकी पार्टी में भीतरघात नहीं होता तो भारतीय जनता पार्टी की जीत निश्चित थी।
जिला परिषद में भाजपा समर्थित 5 प्रत्याशी जीतकर आए हैं। पार्टी में भीतरघात जैसा कुछ नहीं है। पंचायत चुनाव भाईचारे का होता है। कई बार एक घर से भी दो प्रत्याशी आमने-सामने आ जाते हैं, इसलिए एक पार्टी से आना स्वाभाविक है। पंचायत चुनाव में जिसकी इच्छा हो, वह लड़ सकता है। इन चुनाव में सब चलता है। भाजपा शासन में विकास हुआ है और आगे भी होता रहेगा।
-आदित्य देवीलाल चौटाला, भाजपा जिलाध्यक्ष, सिरसा।