सिरसा। शहर के टाउन पार्क स्थित सालासर धाम मंदिर में पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को हुआ। पांच दिवसीय जन्मोत्सव 20 से लेकर 24 अप्रैल तक चलेगा। जिसमें हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जन्मोत्सव के प्रथम दिन शहरभर में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
बता दें कि शनिवार को शोभायात्रा बेगू रोड स्थित अग्रसेन स्कूल से दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर रवाना हुई। जो कि विभिन्न बाजारों से होती हुई शाम को सालासर धाम मंदिर में संपन्न हुई। इस मौके पर भव्य झांकियां निकाली गई। महिला, पुरुष और बच्चे हाथों में धर्म ध्वजा लिए शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान प्रस्तुत की गई झांकियां और कलाकारों द्वारा किए गए नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था की। शोभायात्रा को भाजपा नेता एवं बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा और डॉ. अशोक तंवर शामिल हुए।
नंगे पांव तलवार खड़े होकर महिलाओं ने किया नृत्य
बालाजी महाराज की शोभायात्रा का शुभारंभ शनिवार दोपहर बाद गोल डिग्गी चौक स्थित महाराजा अग्रसेन स्कूल परिसर से शुरू हुआ। महाराजा अग्रसेन चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान अनिल गनेरीवाला और उप प्रधान भीम सर्राफ ने बालाजी महाराज का रजतमयी छत्र पूजन किया गया। वहीं रजतमयी ध्वजा का पूजन किया। इस शोभायात्रा का आयोजन श्रीराम नाम प्रभात चेरिटेबल ट्रस्ट सिरसा की ओर से किया गया। महाराजा अग्रसेन स्कूल से शुरू हुई यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए सालासर धाम मंदिर में जाकर संपन्न हुई। इस दौरान महिला कलाकारों ने नंगे पांव तलवार पर खड़े होकर सिर पर मटकी रखकर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी।
दरबार में बनी हनुमानजी की मूर्ति हूबहू श्री सालासर धाम जैसी
राजस्थान के चूरू जिला में स्थित सालासर धाम के जैसा मंदिर सिरसा में भी स्थापित है। इस मंदिर का नाम भी सालासर धाम मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना सन 2002 में की गई थी। इस मंदिर का दरबार सोने-चांदी और हीरे से जड़ा हुआ है। जिस वक्त मंदिर की स्थापना की गई थी। उस समय राजस्थान के चूरू में प्रसिद्ध सालासर धाम से पैदल यात्रा करके यहां ज्योति लाई गई थी। दरबार में बनी हनुमान की मूर्ति भी हूबहू सालासर धाम जैसी है। मंदिर की स्थापना के बाद से यहां रोजाना हवन किया जाता है। सुबह 5:15 बजे से रात्रि 9 बजे तक पांच बार मंदिर में आरती की जाती है। साल 2002 में मंदिर की स्थापना के बाद से ही जरूरतमंद लोगों के लिए भंडारा भी लगाया जाता है।
इस प्रकार चलेंगे अन्य कार्यक्रम
21 अप्रैल
- भव्य शृंगार व आरती, शाम 6 बजे
- संगीतमयी सुंदरकांड पाठ, सवा 6 बजे
22 अप्रैल को
- हनुमत महायज्ञ व महालक्ष्मी पूजन, शाम 7:30 बजे
- अखंड रामायण पाठ, रात साढ़े 8 बजे।
23 अप्रैल को
- दिनभर धार्मिक अनुष्ठान होंगे
- शहनाई वादन से बालाजी का मंगलगान, सुबह 5 बजे
- देहली पूजन व गणेश पूजन, सवा 5 बजे
- बालाजी महाराज की भव्य शृंगार आरती, सुबह 5:30 बजे
- मां भगवती की रजतमयी प्रतिमा का अनावरण, सुबह 6:30 बजे
- स्वर्णमयी चार मूर्तियों का अनावरण, सुबह 7:15 मिनट पर
- बालाजी को स्वर्णमयी चोला अर्पण, सुबह 8 बजे।
- बालाजी की रजतमयी चरणपादुकाओं का अर्पण, साढ़े 8 बजे
- स्वर्णमयी प्रतिमा का अनावरण, 9 बजे।
- बालाजी महाराज का भंडारा, साढ़े 9 बजे।
- बालाजी महाराज की भव्य भजन संध्या, रात सवा 8 बजे।
- सवामनी लड्डू प्रसाद, 8:30 मिनट पर
24 अप्रैल को
- भव्य संगीतमयी सुंदरकांड पाठ, शाम 6:30 बजे
- सवामनी लड्डू का भोग, 7:30 मिनट पर
- बालाजी रसोई प्रसाद रात्रि 9 बजे
सालासर धाम मंदिर में पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम का आरंभ शनिवार को धूमधाम से हुआ। शहर भर में हनुमान महाराज की शोभायात्रा निकाली गई। पांच दिवसीय हनुमान महोत्सव 24 अप्रैल तक मनाया जाएगा। जिसमें हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
-संजय शर्मा, मैनेजर सालासर धाम मंदिर, सिरसा।