सिरसा। जिले की अनाज मंडियों में धान और ग्वार के नए अनाज की आवक शुरू हो गई है। फसली सीजन पर फिलहाल चुनावी सीजन भारी पड़ रहा है। मंडियों में धान की आवक बहुत कम है। हालांकि सीजनल ग्वार पहुंचने लगी है लेकिन सरकारी खरीद न हो पाने के कारण किसान व्यापारियों को ग्वार और धान की फसल बेचने के लिए मजबूर हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि मंगलवार को मंडी में कई जगह पर किसान ग्वार की फसल सुखाते नजर आए।
मार्केट कमेटी प्रशासन ने किसानों से फसल को सुखाकर लाने की अपील की है ताकि उसे बेचने में परेशानी न आए। किसानों के अनुसार मौसम गर्म बना हुआ है। बारिश भी हो सकती है। इस कारण किसान फसल की कटाई कर सीधे मंडी में लेकर आ रहे है। मंडी में किसानों की फसल की सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को मजबूरन कम दाम पर अपनी फसल निजी आढ़तियों को बेचनी पड़ रही है। इससे किसानों को जहां नुकसान हो रहा है। व्यापारी मुनाफा कमा रहे हैं।
नहीं हुई नरमे की फसल खरीद
भारतीय कपास निगम (सीसीआई) को मंगलवार से मंडियों में नरमे की खरीद शुरू करनी थी लेकिन नरमे की फसल मंडियों में नहीं पहुंची है। उम्मीद जताई जा रही है कि पांच अक्तूबर को मतदान के बाद ही फसल मंडियों में पहुंचेगी। वहीं, किसानों में चर्चा है कि सरकार बदलने पर फसल खरीदने के रेट भी बढ़ सकते है। ऐसे में किसान अभी नरमे की फसल को रोकना भी चाह रहे हैं।
इस प्रकार है मंडी में फसल की स्थिति
शहर की मंडी में रोजाना करीब दो से तीन ट्राॅली धान और पांच के करीब ट्राॅली ग्वार की आ रही है। इनकी सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण किसान निजी व्यापारियों को बेच रहे हैं। मंगलवार को भी किसान ग्वार की फसल कर मंडी में आए तो सरकारी खरीद ने होने कारण किसान को अपनी ग्वार की फसल निजी व्यापारी को 4,500 रुपये क्विंटल के हिसाब से बोली लगाई गई। जो किसान ने कम रेट होने पर पहले ऐतराज जताया, बाद में किसान उसी रेट पर फसल बेचने के लिए तैयार हो गया।
सरकारी खरीद शुरू करने के लिए अभी आदेश जारी नहीं हुए हैं। जब आदेश जारी होंगे, तभी खरीद शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि आगामी दो-तीन दिनों में खरीद शुरू हो जाएगी। - वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी, सिरसा।