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अपराजिता: महिलाओं व युवतियों को सुरक्षा के लिए होना पड़ेगा जागरूक, अपने अधिकारियों के प्रति रहे सतर्क

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अमर उजाला कार्यालय में अपराजिता के तहत पुलिस अधिकारी नीलम देवी से बातचीत करती युवतियां। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। महिलाओं की सुरक्षा आज के समय में उनकी जागरूकता पर ही निर्भर करती है। क्योंकि जितना महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगी उतना ही वो सुरक्षित रहेंगी। महिलाओं को पता होना चाहिए कि अगर उनके साथ कुछ गलत होता है तो वो किससे और किस जगह पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। ये बात अपराजिता के तहत महिला अधिकारी नीलम देवी ने कही।
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सिरसा कार्यालय में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों ने अपने विचार महिला पुलिस के साथ साझा किए। वहीं युवतियों ने भी अपनी शंकाओं को क्लीयर किया। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी नीलम देवी ने महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित रहने के टिप्स दिए। नीलम देवी ने कहा कि महिलाओं को किसी से डरना नहीं है। हर मोड़ पर निडरता से डटकर खड़ा होना है। अगर किसी महिला या युवती के साथ बस या सार्वजनिक जगह पर कुछ गलत होता है तो ऐसे में उन्हें डरना नहीं है। निडरता से उसका सामना करना है।
घर पर रह रही महिलाएं अनजान के लिए दरवाला न खोलें। वहीं कामकाजी महिलाएं निडरता से बुरा करने वालों का सामना करें। पुलिस टीम हमेशा महिलाओं के साथ खड़ी है। 112 पर तुरंत प्रभाव से कॉल कर अपनी समस्या को बताएं। वहीं हर शहर में महिला थाना बनाए गए हैं। क्योंकि एक महिला दूसरी महिला को आसानी से अपनी समस्या बता सकती है। सिरसा महिला थाने के हेल्प लाइन 8816901091 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
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--- नीलम देवी, महिला ओएसआई।
अक्सर ऐसा होता है कि अगर किसी ग्रुप में किसी महिला के साथ कुछ गलत होता है तो अन्य उसका मजाक बनाने लग जाती हैं। जिसके कारण जिसके साथ गलत होता है वो खुद को ही दोषी समझने लगती है। ऐसा नहीं होना चाहिए पीड़ित के साथ हमेशा सभी के साथ खड़ा होना चाहिए। --- मोनिका गोदारा, समाजसेवी।
पुलिस द्वारा की गई पेट्रोलिंग को और बढ़ाने की जरूरत है। हर एक घंटे में शहर के हर क्षेत्र में पेट्रोलिंग होनी चाहिए । ताकि महिलाएं और युवतियां सुरक्षित महसूस रह सके। --- महक।
आज का कार्यक्रम बहुत अच्छा था। गांवों में भी ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए ताकि महिला और पुलिस के बीच जो एक गैप है वो खत्म हो सके और सहजता से अपनी बात एक - दूसरे से कर सकें । --- राजवीर कौर।
जब महिलाएं बसों में सफर करती हैं तो बहुत से असामाजिक तत्व शरारत करते हैं। नियम होना चाहिए कि बसों में यात्रियों की संख्या निर्धारित होनी चाहिए। ताकि बसों में धक्का - मुक्की न हो।
--- मेघा।
जिले में बहुत नशाखोरी हो रही है। हर गली मोहल्ला में नशे के कारण जिंदगियां खराब हो रही है। पुलिस को चाहिए कि नशे रोकने के लिए कठोर कदम उठाएं। --- एकता।
आज का कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। समय - समय पर ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। इन कार्यक्रमों के जरिए पुलिस और आमजन के बीच की दूरी कम होती है। --- वीनिता।
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आज की बैठक अच्छी रही। पहले पुलिस से डर वाला माहौल रहता था। लेकिन आज के बाद पुलिस के साथ का डर खत्म हो गया। ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। --- कंचन।
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