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पशु डेयरियां बन रहीं सिरदर्द, राजनेता देते रहे गोली : 10 सालों से डेयरी प्रोजेक्ट की फाइल तक नहीं हुई शुरू

Fri, 13 Sep 2024 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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रानियां रोड पर सड़क पर बांधे गए पशु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। शहरी क्षेत्र में संचालित हो रहीं डेयरियों से निकलने वाले गोबर और मल मूत्र के निस्तारण की स्थायी व्यवस्था जिला प्रशासन व राजनेता नहीं करवा पाए हैं। ऐसे में गोबर और मल मूत्र सीधा नाली के माध्यम से सीवरेज में बहाया जा रहा है। इस कारण सीवरेज लाइनें जाम हो जाती हैं। इसके कारण सीवर ओवरफ्लो व सड़क धंस रही है। रानियां रोड एक नहीं कई बार धंस चुका है। यह मुद्दा स्थानीय से लेकर विधानसभा चुनाव के दौरान उठाता है। राजनेता हर बार स्थायी समस्या का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन यह वादे बस जुमले बनकर रह जाते हैं।
शहर में करीब 132 पशु डेयरी संचालित हैं। ये पशु डेयरियां रानियां रोड, बेगू रोड, खाजाखेड़ा रोड, हिसार रोड, डबवाली रोड, चत्तरगढ़ पट्टी एरिया सहित अन्य क्षेत्रों में चल रही हैं। 10 सालों शहर में डेयरी प्रोजेक्ट बनाने का वादा राजनीतिक दलों द्वारा किया गया था, लेकिन आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है। सरकार के आदेश हैं कि पशु डेयरी शहरी सीमा में संचालित नहीं की जा सकती। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने डेयरी शिफ्टिंग को लेकर 28 जुलाई 2015 को घोषणा की थी। पंचायत विभाग की जमीन पर डेयरी प्रोजेक्ट स्थापित किया जाना था। इसको लेकर तीन गांवों की 34 एकड़ जमीन नगर परिषद को सौंपी जानी है। इसके लिए केवलपुरा 10 एकड़ भूमि, नेजिया खेड़ा 16 एकड़ भूमि और गांव फूलकां की आठ एकड़ के करीब जमीन नगर परिषद को दी जानी है। यह प्रोजेक्ट भी पंचायत विभाग के स्तर पर अटका हुआ है। 10 सालों से यह प्रोजेक्ट कछुआ चाल से चल रहा है। सीवर समस्या से त्रस्त लोगों का कहना है कि सीवरेज की सफाई समय पर नहीं होती। इस कारण सीवर ओवरफ्लो करते है। हर बार राजनेता उनको आश्वासन तो देते हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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सीवर लाइन लीक होने के घरों में आता है दूषित पेयजल
शहर के रानियां रोड व गोशाला रोड पर सबसे अधिक दूध की डेयरियां हैं। इन डेयरियों में लाेगों ने पशुओं को पाला हुआ है और दूध बिक्री का कार्य करते हैं। समस्या यह है कि पशुओं का गोबर व अन्य अपशिष्ट पदार्थ को जमा करने के बजाए इनको सीवरेज के नालों में डाल देते हैं। इससे यहां पर अक्सर सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। सीवर लाइन लीक होने के कारण लोगों के घरों में मिश्रित दूषित पानी आता है। इससे पेयजल का संकट भी खड़ा हो जाता है।

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वर्जन
सीवरेज ओवरफ्लाे की समस्या हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या से हम सालों से जुझ रहे हैं। 10 साल पहले यह मांग उठी तो उस समय के मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि डेयरी प्रोजेक्ट बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राजनेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। - उर्मिला देवी, रानियां रोड।
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वर्जन

तीन माह पूर्व सीवरेज में गोबर आदि डालने के कारण हमारे क्षेत्र में सीवरेज लाइन ब्लॉक होकर टूट गई थी। इस कारण सड़क को खोदना पड़ा। सीवरेज लाइन की भी सफाई समय पर नहीं होती। हर बार राजनेता उनको आश्वासन तो देते हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। - सुनीता देवी, रानियां रोड।
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