बारिश के दौरान ज्ञापन सौंपने के लिए जाते इनेलो कार्यकर्ता।
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सिरसा। परिवार पहचान पत्र को आय से जोड़ने के बाद संबंधित विभाग ने कई बुजुर्गों की पेंशन काट दी। जिसके चलते बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेंशन दोबारा से शुरू करवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को इनेलो के बैनर तले बुजुर्गों ने लघु सचिवालय के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। इसके पश्चात बुजुर्गों ने एसडीएम जयवीर यादव के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र भेज पेंशन दोबारा से शुरू करने की गुहार लगाई है।
शुक्रवार को इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह करीवाला के नेतृत्व में बुजुर्ग लघु सचिवालय में एकत्र हुए। बारिश में भी कार्यकर्ता और बुजुर्ग मांगों को लेकर डटे रहे और उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने के लिए लघु सचिवालय के गेट पर पहुंच गए। ऐसे में पुलिस ने कार्यकर्ताओं और बुजुर्गों को रोक लिया और कुछ सदस्यों को ही अंदर जाने की बात कहीं। जिसके पश्चात बुजुर्ग और इनेलो कार्यकर्ता लघु सचिवालय में पहुंच गए और एसडीएम जयवीर यादव को मांग पत्र सौंपा। वहीं कश्मीर सिंह करीवाला, इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य जसवीर सिंह जस्सा, इनेलो महिला विंग की जिलाध्यक्ष कृष्णा फौगाट व इनेलो किसान प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पदाधिकारी रणधीर जोधकां ने कहा कि पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने वर्ष 1987 में बुजुर्गों के सम्मान में पेंशन सम्मान निधि आरंभ की थी मगर मौजूदा गठबंधन सरकार ने बुजुर्गों की परिवार पहचान पत्र में दर्ज अन्य स्रोतों से आय को आधार बनाकर उनकी सम्मान भत्ता पेंशन काट दी। जिससे बुजुर्गों का अपमान हुआ है और इसी सम्मान को बहाल करवाने के लिए पूरे हरियाणा में इनेलो के बैनर तले बुजुर्ग अपनी सम्मान भत्ता पेंशन वापस बहाल करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। इनेलो नेताओं ने कहा कि पिछले तीन साल में प्रदेशभर में करीब तीन लाख बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई। विभागीय लापरवाही के कारण कई केसों में कागजों में बुजुर्गों को जीवित होते हुए भी मृत घोषित कर पेंशन रोक दी गई। प्रदर्शन में सुभाष नैन, मनोहरलाल मेहता, सिरसा हलका प्रभारी गुरदयाल मेहता, युवा इनेलो जिलाध्यक्ष धर्मवीर नैन, जसवींद्र बिंदू, गुरविंद्र सरपंच, महंत बलदेव दास, महेंद्र बाना, गुरप्रीत गिल, सुभाष बैनीवाल आदि उपस्थित रहे।