संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बकाया मुआवजे की मांग को लेकर छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे डिंग मंडी निवासी 68 वर्षीय किसान ओमप्रकाश को पुलिस ने मंगलवार अलसुबह साढ़े तीन बजे उठाकर नागरिक अस्पताल में दाखिल करवा दिया। इस दौरान पुलिस से किसान को छुड़वाने के दौरान चार किसानों को चोटें भी लगी हैं। इसके विरोध में मंगलवार को 100 किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके साथ ही लघु सचिवालय के मुख्य गेट के समक्ष ट्राॅली-ट्रैक्टर लगाकर रास्ता बंद कर दिया। इसके कारण अधिकारियों को पिछले गेट से कार्यालय में प्रवेश करना पड़ा। इसके बाद दोपहर चार बजे किसानों ने एसपी कार्यालय का भी घेराव कर दिया। हालांकि देर शाम को एसपी के आश्वासन ने किसानों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी।
2020 में सफेद मक्खी से बर्बाद हुई कपास की फसल के बकाया मुआवजे 193 करोड़ रुपये जारी करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान 44 दिनों से लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगाकर बैठे हैं। इस दौरान किसानों की उपायुक्त के साथ तीन बार, अतिरिक्त उपायुक्त के साथ दो बार व कृषि मंत्री के साथ एक बार बैठक भी हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकाला है। किसान मुआवजा जारी करवाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में 23 फरवरी को डिंग मंडी क्षेत्र के 68 वर्षीय किसान ओमप्रकाश ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। छह दिनों से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा था और उनका वजन भी पांच किलोग्राम तक कम हो गया है। इसके चलते मंगलवार अलसुबह साढ़े तीन बजे पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से उठा लिया और नागरिक अस्पताल में भर्ती करवा दिया। नागरिक अस्पताल में ओमप्रकाश का इलाज चल रहा है और उनका स्वास्थ्य बेहतर बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस की ओर से अनशन पर बैठे किसान को उठाने को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू दिया। किसानों ने सुबह साढ़े तीन बजे ही लघु सचिवालय के मुख्य गेट के समक्ष ट्राॅली-ट्रैक्टर खड़े कर दिए और आवाजाही बंद कर दी। दोपहर बाद किसानों ने एसपी कार्यालय का घेराव करके धरना दे दिया। डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किए जाने के बाद एसपी डॉ. अर्पित जैन किसानों से मिलने के लिए पहुंचे। एसपी ने कहा कि अनशन पर बैठे किसान का स्वास्थ्य बेहद खराब था। जिसके चलते उन्होंने किसान को नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया है। किसान के स्वास्थ्य होने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा । किसान बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का भी किया है। इसमें चार किसानों के चोटें भी आई हैं।
धरना स्थल पर बढ़ी किसानों की भीड़
अनशन पर बैठे किसान को हिरासत में लेने की सूचना किसानों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य किसानों तक पहुंचनी शुरू कर दी। ऐसे में लघु सचिवालय के समक्ष गांवों के किसान भी ट्राॅली-ट्रैक्टर में सवार होकर पहुंचना शुरू हो गए। नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी में दाखिल ओमप्रकाश का भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
नागरिक अस्पताल में एमएलआर कटवाने पहुंचे घायल किसान
पुलिस से आमरण अनशन पर बैठे ओमप्रकाश का छुड़वाने के लिए हुई धक्का मुक्की में किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख, किसान नाजर सिंह, मुखराम सिंह, माना सिंह को चोटें आई हैं। इसके बाद किसान भी नागरिक अस्पताल में जांच करवाने और एमएलआर कटवाने के लिए पहुंच गए। वहां से एमएलआर कटवाने के बाद वापस धरना स्थल पर पहुंचे गए। वहीं, नागरिक अस्पताल में भी दिनभर पुलिस बल तैनात रहा। यहां पर डीएसपी को इंचार्ज के तौर पर नियुक्त किया गया।
सीएमओ ने एसपी को लिखा किसान को अस्पताल में दाखिल करवाने के लिए पत्र
बीते छह दिनों से अनशन पर बैठे किसान की लगातार जांच की जा रही है। सोमवार को किसान ओमप्रकाश का शुगर लेवल 46 पर पहुंचने के बाद सीएमओ ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन को पत्र जारी कर अनशन समाप्त करवाने और अस्पताल में दाखिल करने वाले की बात कही। पत्र में किसान की जान को खतरा होने व स्वास्थ्य अधिक खराब होने की जानकारी भी दर्ज की गई है। ऐसे में पुलिस ने पत्र के अनुसार किसान को धरना स्थल से उठाकर नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
अनशन पर बैठे किसान का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया गया था। सिविल सर्जन ने पत्र दिया था। जिसमें उनका शुगर लेवल काफी कम होने की जानकारी दी गई थी। ऐसे में उन्हें नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया है। - डॉ. अर्पित जैन, एसपी सिरसा ।