सिरसा। ई टेंडरिंग के विरोध में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को मांग पत्र सौंपने के लिए पहुंचे सरपंचों को पुलिस ने मंत्री आवास से 70 मीटर की दूरी पर रोक दिया। सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री आवास पर जाने के लिए बैरिकेड तोड़ने का भी प्रयास किया। एक घंटे तक पुलिस के साथ बार-बार बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री के आवास के पास ही अनिश्चितकालीन धरना लगा दिया।
जिले में किसानों के बाद बुधवार को सरपंचों ने भी पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। जिलेभर के सरपंच प्रदेश उपप्रधान संतोष बैनीवाल के नेतृत्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को मांग पत्र सौंपने के लिए शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। प्रदर्शन करते हुए सरपंच बाबा भूमण शाह चौक से मंत्री आवास की तरफ चले। उपमुख्यमंत्री आवास से कुछ दूरी पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सरपंचों को रोक लिया। इस दौरान सरपंचों ने आगे जाने के लिए बैरिकेड तोड़ने का भी कुछ समय तक प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। डीएसपी साधुराम ने सरपंचों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सदस्यों के साथ बातचीत की और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपने की अपील की, लेकिन सरपंच नहीं माने। ऐसे में डीएसपी ने उपमुख्यमंत्री के बाहर होने की जानकारी सरपंचों को दी, तो सरपंचों ने उनके परिवार के किसी भी सदस्य को बुलाकर मांग पत्र देने बात कह दी। एक घंटे तक बार-बार बातचीत होने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। इसके पश्चात सरपंचों ने उपमुख्यमंत्री आवास से 70 मीटर दूरी पर ही पक्का मोर्चा लगा धरना दे दिया। सरपंचों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता और उपमुख्यमंत्री के परिवार से कोई मांग पत्र लेने के लिए नहीं आता तब तक उनका पक्का मोर्चा जारी रहेगा।
दिनभर मंत्री आवास पर पुलिस बल रहा तैनात
शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम से मंत्री आवास की तरफ जाने वाले रास्ते को पुलिस ने दोपहर 12 बजे तक बंद किए रखा। मंत्री आवास पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।सरपंचों की ओर से अब मंत्री आवास के पास टेंट लगाकर धरना लगाया गया है। इस मौके पर ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह वैदवाला, वेद प्रकाश, रणजीत सिंह, तरसेम सिंह, नरेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।टट
टेनिंग को भी किया बहिष्कार, उपप्रधान बोलीं- एक साथ विरोध किया तो सरकार को झुकना पड़ेगा
विकास कार्य करवाने के लिए सरपंचों को प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार करने सहित अन्य हर प्रकार की ट्रेनिंग दी जा रही है। ऐसे में सरपंचों ने इसका बहिष्कार किया हुआ है। ट्रेनिंग में नाम मात्र ही सरपंच पहुंच रहे है, जबकि अधिक सरपंच धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। सरपंच एसोसिएशन के राज्य उपप्रधान संतोष बैनीवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर कोई भी सरपंच ट्रेनिंग करने के लिए शामिल हो रहा है तो उसे भी अपने साथ लेकर धरने पर आए। एक साथ मिलकर विरोध किया तो सरकार को भी झुकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर सभी एक साथ नहीं आए तो सरपंचों को पांच वर्षों तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। न तो गांव में विकास कार्य हो पाएंगे और न ही उनकी सुनवाई होगी।