पराली की फैक्टरी में लगी भयानक आग और आग पर काबू पाते फायरकर्मी
कालांवाली। रोड़ी-कालांवाली रोड पर स्थित एक जगह स्टोर करके रखी गई पराली में शुक्रवार दोपहर को आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग कालांवाली, डबवाली, सिरसा से पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। वहीं, कालांवाली थाना प्रभारी रामफल अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और लोगों को बाहर से बाहर निकालने का काम किया।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। देर रात को जाकर आग पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया गया। जानकारी के अनुसार कालांवाली-रोड़ी रोड पर मालवा ग्रीन फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से फैक्टरी है। जो पराली से गिट्टी तैयार करके प्रदेश सरकार को बेचती है। सरकार आगे यह गिट्टी थर्मल प्लांटों को सप्लाई करती है।
फैक्टरी में मजदूर पराली से गिट्टी बनाने का काम कर रहे थे। मशीन की मोटर शॉर्ट-सर्किट हो गया और वहां पड़ी पराली में आग लग गई। जब तक आग पर काबू पाया जाता, आग तेजी से फैल गई और चारों ओर धुआं फैल गया। काम कर रहे मजदूर किसी तरह से फैक्टरी से बाहर आए और आग लगने की सूचना फैक्टरी मालिक और पुलिस को दी।
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बिजली विभाग के द्वारा कनेक्शन में देरी से हुआ इतना नुकसान
फैक्टरी मालिक सीए मनु बांसल ने बताया कि गर्मी के सीजन में फैक्टरी में इतना स्टाॅक नहीं रखा जाता। यह स्टाॅक पिछले सीजन का है। बिजली विभाग में जनवरी 2024 में कनेक्शन के लिए अप्लाई किया था। जिसे पहले विभाग ने रिजेक्ट कर दिया। फिर फरवरी माह में दूसरी बार दोबारा बिजली का कनेक्शन को लेकर आवेदन किया गया। कनेक्शन पास होने के करीब 5 माह बाद जुलाई महीने में बिजली कनेक्शन दिया गया। इस कारण पराली ज्यादा एकत्रित हो गई। इस कारण आग से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है।
फैक्टरी में पड़ी थी 70 हजार क्विंटल पराली
फैक्टरी मालिक सीए मनु बांसल ने बताया कि परिसर में करीब 70 हजार क्विंटल पराली पड़ी थी। आग से फैक्टरी में रखी 30 प्रतिशत पराली जलकर नष्ट हो गई है। जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।