सिरसा। जिला के 75 निजी स्कूलों ने विभाग का सहयोग न करते हुए यू डाइस का फाॅर्म नहीं भरा है। जिसके चलते जिला शिक्षा अधिकारी ने सातों खंडों के बीईओ को नोटिस जारी किया है। जिसमें बीईओ से जवाब मांगा गया है कि फॉर्म न भरने वाले निजी स्कूलों पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की है। जिला में कुल 1172 स्कूल हैं। जिसमें से 75 स्कूल ऐसे है जिन्होंने यू डाइस का फॉर्म नहीं भरा है। वहीं इसमें से 40 स्कूल ऐसे है जिसने पोर्टल को खोलकर तक नहीं देखा। वहीं 35 स्कूलों ने विभाग को गुमराह करते हुए गलत जानकारी दी है।
पहले भी दो बार जारी किया जा चुका है नोटिस
जिला शिक्षा विभाग के प्रोग्रामर नीरज मक्कड़ ने बताया कि विभाग की तरफ से जिला के 7 खंडों के बीईओ को पहले भी नोटिस जारी जा चुका है। 12 तारीख को फॉर्म भरने का अंतिम दिन था। जिसके बाद विभाग द्वारा निजी स्कूलों को बार-बार ईमेल, फोन व व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी गई है। वहीं इसके बाद 15 जून को विभाग ने एक बार फिर से नोटिस जारी कर सबको फॉर्म भरने के लिए कहा लेकिन अब तक 75 निजी स्कूलों ने जानकारी नहीं दी है। वहीं पहले जारी किए गए नोटिस में विभाग ने बीईओ को कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए थे। लेकिन बीईओ ने अभी तक किसी भी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की है। जिसके चलते विभाग ने बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
यू डाइस से स्पोर्ट्स ग्रांट व कंपोजिट ग्रांट की राशि स्वीकृत होती है
जिले के सभी स्कूल संचालकों को यू-डाइस में ये डिटेल भरनी होती है। इसमें स्कूलों में छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, छात्रों की कैटेगरी वाइज संख्या, स्कूल में पानी, टॉयलेट, खेल मैदान, पेयजल, बाउंड्रीवाल आदि जानकारी शामिल है। इसके आधार पर ही केंद्र सरकार की ओर से स्पोर्ट्स ग्रांट, कंपोजिट ग्रांट व अन्य ग्रांट की राशि स्वीकृत की जाती है। जरूरत के आधार पर सरकारी स्कूलों में संसाधन मुहैया कराए जाने को लेकर बजट में राशि स्वीकृत की जाती है। देश में शिक्षा विभाग की योजनाओं को बनाने में ये डेटा बेहद उपयोगी रहता है।
75 स्कूलों ने सत्र 2023-24 का यू डाइस का फाॅर्म नहीं भरा है। जिसके चलते विभाग ने जिला के सातों खंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में बीईओ को निजी स्कूलों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
- आत्मप्रकाश मेहरा, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।
यू डाइस फाॅर्म सभी स्कूलों को भरना जरूरी होता है। इस फाॅर्म के जरिए ही स्कूलों को ग्रांट व सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। अगर इस नोटिस के बाद भी निजी स्कूल फाॅर्म में जानकारी नहीं भरते हैं तो सभी निजी स्कूलों का यू डाइस व एमआईएस पोर्टल सस्पेंड कर दिया जाएगा।
- सहीराम चाहर, डीपीसी, समग्र शिक्षा अभियान, सिरसा।