सिरसा। गर्मी के मौसम में शहर की बड़ी आबादी पेयजल सप्लाई से जूझ रही है। जन स्वास्थ्य विभाग को भूमिगत जल पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन अब शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने घग्गर नदी पर पुल बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।
जहां एक ओर घग्गर पर पुल बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर डबवाली रोड पर पेयजल लाइन बिछाने का कार्य 70 फीसदी पूरा किया जा चुका है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने से शहर की आधी आबादी को नहरी पानी सप्लाई होगा। अधिकारियों की माने तो चार जून को चुनाव परिणाम आने के बाद इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर दिया जाएगा। इससे चतरगढ़ पट्टी जलघर की क्षमता दो गुना से ज्यादा हो जाएगी और पुराने शहर की आबादी की प्यास नहरी पानी से बुझाने में यह जलघर सक्षम हो जाएगा।
बता दें कि शहर की आधी कॉलोनियों में अभी भी 120 ट्यूबवेलों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में जन स्वास्थ्य विभाग ने पंजुआना जलघर का निर्माण करने के बाद पूरे शहर को आरो का पानी देने का प्लान बनाया था। करीब 16 करोड़ की लागत से पंजुआना जलघर और शहर तक पाइप लाइन डालने का टेंडर लगाया गया था। इस टेंडर के तहत पंजुआना से चतरगढ़ पट्टी तक लाइन बिछाई जानी थी। इस प्रोजेक्ट को आधे से ज्यादा हिस्सा पूर्व में पूरा हो गया था, लेकिन विवादों के चलते टेंडर बीच में रुक गया था। ऐसे में बचे हुए ढाई करोड़ के करीब के टेंडर को विभाग की ओर से दोबारा लगाया गया था। कुछ माह पहले एजेंसी को टेंडर दे दिया गया और काम शुरू हो गया था।
पंजुआना नहर के पास बने मुख्य जलघर से पेयजल लाइन चतरगढ़पट्टी जलघर तक लेकर आनी है। इसको लेकर 28 इंची पाइप लाइन बिछाने का कार्य जारी है। पुराने ठेकेदार की ओर से पंजुआना जलघर से लेकर खैरेकां तक ही करीब 3800 मीटर ही पाइप लाइन डाली गई थी। बचे हुए काम को पूरा करने में विभाग के अधिकारी लगे हुए हैं। डबवाली रोड पर 28 इंची लाइन बिछाने का कार्य 70 फीसदी के करीब पूरा हो चुका है। वहीं घग्गर नदी पर पुल बनाकर लाइन गुजारने का कार्य जारी है। इसको लेकर पिलर बनाने व पुल बनाने की प्रक्रिया पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
चतरगढ़पट्टी जलघर में पानी की स्टोरेज क्षमता 50 फीसदी
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में चतरगढ़पट्टी जलघर में पानी की स्टोरेज 50 फीसदी के आसपास ही रहती है। पंजुआना जलघर से ही पानी फिल्टर होकर जलघर में पहुंचता है और उसे आगे सप्लाई किया जाता है। पानी की कमी के चलते ही जलघर में नहरी पानी के साथ साथ टयूबवेल का पानी मिलाया जाता है। बता दें कि टयूबवेल का पानी की स्थिति भी सिरसा में बेहतर नहीं है। भूजल स्तर निरंतर गिर रहा है और उसकी गुणवत्ता भी खराब हो रही है।
कोट्स
प्रोजेक्ट पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद यह शुरू हो जाएगा और शहर के लोगों को नहरी पानी मिलेगा। टयूबवेल के पानी सप्लाई को बड़े स्तर पर बंद कर दिया जाएगा। शहर में पेयजल समस्या भी बड़े स्तर पर खत्म होगी। - डॉ. जसंवत सिंह, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग, सिरसा।