संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में मंगलवार को विश्व मृदा दिवस मनाया गया। केवीके के वरिष्ठ संयोजक डाॅ. देवेंद्र जागड़ ने भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने और सीआईसीआर से डाॅ. सतीश सैन ने विभिन्न फसलों की जानकारी किसानों को दी। वहां कई किसानों समेत सीएचसी, गोशाला संचालकों और डिलोटी कंपनी गुरुग्राम के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार देय को सम्मानित किया गया।
अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त विवेक भारती ने बताया कि पराली जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। जमीन के सूक्ष्म जीव भी खत्म हो जाते हैं। वायु प्रदूषण होता है जबकि अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति और ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ता है। जिले में पिछले साल के मुकाबले पराली जलने की घटनाओं पर 48 फीसदी की कमी आई है।
उप निदेशक कृषि डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि डिलोयट कंपनी गुरुग्राम की ओर से जिले की तीन गोशालाओं को धान की पराली एकत्रित करने के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 2,72,000 रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने किसानों को भविष्य में पराली न जलाने की शपथ दिलवाई गई।
भूमि परीक्षण अधिकारी डाॅ. विजेंद्र ने मिट्टी और पानी की जांच के बारे में बताया। सॉयल हेल्थ कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार किसानों को खाद का उपयोग करने की सलाह दी। कृषि विभाग के अधिकारियों और वैज्ञानिकों से मिली जानकारी का लाभ उठा पराली प्रबंधन का संकल्प लिया गया।
किसान क्लब के सदस्य राजा राम, सतपाल, सुखविंद्र आदि ने भी कई सुझाव दिए। वहां कृषि विभाग के अधिकारी डाॅ. दिनेश कत्याल, तकनीकी अधिकारी डाॅ. जोगेंद्र राणा, भूमि परीक्षण अधिकारी डाॅ. विजेंद्र, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅ. अर्जुन पुनिया, विषय-विशेषज्ञ पीपी सुभाष हुड्डा समेत कई अधिकारी, एटीएम, बीटीएम मौजूद रहे।