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Sirsa News: नागरिक अस्पताल में 30 प्रकार की दवाइयां नहीं

Sat, 24 Jun 2023 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने स्तर पर एजेंसियों से खरीदी गई दवाइयाें का बीते छह माह से एक करोड़ के बिल बकाया पड़े हैं। बिल बकाया होने पर अब एजेंसियां भी विभाग को दवाइयां देने में आनाकानी कर रही हैं। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी से मरीजों को एंटी बायोटिक, कैल्शियम, सिरप, ताकत संबंधी सहित करीब 30 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
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अब जिला नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। मरीजों को निजी मेडिकलों से इनकी खरीद करनी पड़ रही है। वहीं अस्पताल में अब सीरिंज, पट्टी सहित छोटे- छोटे सामान के लिए भी कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह चक्कर काट जुगाड़ करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब दवाई खरीदने को लेकर प्रक्रिया को जटिल किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों की तरफ से अब सिविल सर्जन को दवाई की मांग भेजी जाएगी। जिसके पश्चात सिविल सर्जन की तरफ से स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर को वह मांग भेजी जाएगी। इसकी नॉन अवेलेबल सर्टिफिकेट (एनएसी) मिलने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग को वह दवाई मिल पाएगी। जबकि इससे पहले स्वास्थ्य केंद्र अपने स्तर पर ऑनलाइन ही दवाई की डिमांड भेजते थे। नॉन अवेलेबल सर्टिफिकेट जारी होने के बाद वह दवाई खरीद पाते थे। वहीं छह माह पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने स्तर पर खरीदी गई दवाइयों का अभी तक बिल भी मुख्यालय की ओर नहीं दिए गए हैं।
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छह माह से अलग-अलग एजेंसियों के बिल बकाया पड़े हैं। जिले के नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर अब दवाई का टोटा चल रहा है। करीब एक करोड़ का बिल बकाया होने और मुख्यालय की ओर से अपने स्तर पर ही पूरी प्रक्रिया किए जाने के चलते स्थानीय दवाई एजेंसियां भी अब उधार पर दवाई देने को लेकर आनाकानी कर रही है।

सिरप, कैल्शियम, एंटी बायोटिक दवाइयां हुईं खत्म, मरीज हो रहे परेशान
नागरिक अस्पताल में हर रोज एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। जिसमें से 800 के करीब मरीजों को पूरी दवाई नही मिल पा रही हैं। अस्पताल की डिस्पेंसरी में सिरप, कैल्शियम, एंटी बायोटिक, सांस लेने में दिक्कत, ताकत की दवाई व हड्डियाें संबंधित दवाई न मिलने के कारण मरीजों को यहां से खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है। डॉक्टरों की ओर से पांच से छह दवाइयां एक मरीज की पर्ची पर लिखी जाती है। जिनमें से दो से तीन प्रकार की दवाई ही मरीज को मिल पा रही है। जबकि अन्य दवाई मरीजों को निजी मेडिकल केंद्रों से लेने पर मजबूर होना पड़ता है।

वेयर हाउस से आती है 311 प्रकार की दवाइयां, 30 प्रकार की नहीं होती उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग के पास वेयर हाउस से ही सभी प्रकार की दवाइयां पहुंचती है। नियम के अनुसार विभाग के पास 311 प्रकार की दवाइयां होना आवश्यक है, लेकिन इनमें से 281 प्रकार की दवाइयां ही विभाग को मिल पा रही है। हालांकि इनमें से कई ऐसी दवाइयां है जोकि इमरजेंसी के लिए होना आवश्यक होती है। जिन्हें विभाग अपने स्तर पर खरीदता है। वहीं विभाग की ओर से अब सभी केंद्रों पर दवाइयों की डिमांड किए जाने को लेकर पत्र भेजा गया है। जिसकी सूची तैयार होने के बाद सिविल सर्जन की ओर से मुख्यालय को इसकी मांग भेजी जाएगी।

कंपनियों ने दवाई देने से की आनाकानी तो मुख्यालय ने 48 लाख की राशि की जारी
छह माह से बिल बकाया होने के बाद कई निजी कंपनी ने विभाग को दवाई देने पर आना कानी करनी शुरू कर दी है। जिसके चलते सिविल सर्जन की ओर से राशि जारी किए जाने को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। इसके पश्चात अब जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 48 लाख रुपये जारी किए हैं। जिसका विभाग की ओर से बिल अदा किया जाएगा।

पत्नी के पीठ में दर्द होने के कारण डॉक्टर से जांच करवाई थी। डॉक्टर की ओर से चार प्रकार की दवाई लिखी गई है। लेकिन इनमें से दो प्रकार की दवाई ही मिल पाई है। शेष दवाई निजी मेडिकल से लेने को मजबूर होना पड़ा।
-कुलवंत सिंह, ढाणी 400

बच्ची के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। जिसकी जांच करवाने के लिए डाॅक्टर के पास पहुंचे थे। डॉक्टर की ओर से दवाई लिखी गई है। लेकिन पूरी दवाई नहीं मिल पाई है।
-देवी रानी, सुचान।


पहले केंद्र अपने स्तर पर ऑनलाइन डिमांड डालकर दवाइयों की खरीद कर सकता था। लेकिन अब इसकी प्रक्रिया को बदल दिया गया है। सीएमओ की तरफ से ही दवाइयों की मांग मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिसकी खरीद को लेकर अनुमति मिलने के बाद ही इसे खरीद सकेंगे। करीब एक करोड़ का बिल पहले बकाया पड़ा था। जिसमें से अब तक 48 लाख की राशि जारी हुई है। शेष राशि के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
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-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।
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