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Sirsa News: सड़कों पर घूम रहे 3 हजार बेसहारा पशु, ठंड में हादसों का खतरा

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शहर की कालोनी में बैठे बेसहारा पशु। संवाद - फोटो : Sirsa
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सिरसा। कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। शहर के सड़कों पर तीन हजार से ज्यादा गोवंश विचरण कर रहे हैं, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन कोई नहीं प्रबंध नहीं कर पाया है।
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डीसी के आदेश पर एक बार नगर परिषद ने अभियान चलाया लेकिन इसके बाद फिर काम ठप हो गया। नंदीशालाएं और गोशालाएं भी पशुओं को लेने में आनाकानी करती हैं।
पिछले महीने डीसी पार्थ गुप्ता ने शहर का दौरा किया था। इस दौरान डीसी ने देखा कि सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा पशु हैं। इस पर डीसी ने जिला की नंदीशालाओं और गोशाला संचालकों की बैठक बुुलाई। इस बैठक में नगर परिषद और अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल थे। इस दौरान डीसी ने आदेश दिए थे कि बेसहारा पशुओं को गोशालाओं और नंदीशालाओं में पहुंचाया जाए। इसके बाद नगर परिषद ने अभियान भी शुरू किया। लेकिन एक-दो दिन अभियान चलकर ठप हो गया। अब फिर वही स्थिति सामने है। शहर में तीन हजार से ज्यादा बेसहारा पशु फिर रहे हैं। भारत नगर निवासी संतोष कुमार ने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ वे पशुपालक भी दोषी हैं जो दूध देना बंद करने के बाद पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं। मैना देवी, कमलेश, ज्योति, नवीता ने कहा कि गली में निकलते हैं तो पशुओं से खतरा रहता है। एक गाय तो आते-जाते लोगों को सींग मार रही है।
ये हो चुके बेसहारा पशुओं से हादसे के शिकार
दो माह पहले घर से बाहर टहलने के लिए निकली ही थी, कि अचानक से एक गाय ने टक्कर मार दी। आस-पास के लोगों ने बड़ी मुश्किल से छुड़ाया, नहीं तो जान भी जा सकती थी। इस दौरान मेरे हाथ, पैर और सिर पर काफी चोट आई। काफी समय तक इलाज चला, लेकिन पैर और हाथ में चोट गहरी होने की वजह से अभी भी घर का कार्य नहीं हो रहा है। -खजानी देवी, भारत नगर, गली नंबर 1।
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एक माह पहले की बात है जब मेरी मां घर के बाहर बैठी थी। इस दौरानएक बेसहारा पशु ने सामने से आकर हमला कर दिया। उम्र अधिक होने की वजह से वह अपना बचाव नहीं कर पाई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर बचा लिया। पशु के हमले की वजह से काफी जगह चोट आई, जिसका इलाज करवाया गया। अब तो मन में इतना डर है कि घर से बाहर निकलने से भी भय लगता है। -वेदप्रकाश, भारत नगर गली नंबर 2।
कॉलोनी में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। इसलिए उन्हें इस तरह भूखा मरते हुए देखा नहीं जाता। यही सोचकर हमेशा उन्हें चारा खिलाने के लिए जाती थी। इस दौरान अचानक से एक गाय ने टक्कर मार दी और हाथ पैर सहित शरीर के अन्य भाग में काफी चोट आई। लोगों ने ही मुश्किल से मुझे छुड़ाया, नहीं तो उस दिन मैं गाय के हमले का शिकार हो जाती। -चंपा देवी, भारत नगर।
चार माह पहले मुझे और मेरी माता पर बेसहारा पशुओं ने हमला कर दिया। इसके चलते काफी चोट आई। प्रशासन को अनेक बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन समाधान ही नहीं हो रहा है। कॉलोनी में करीब 100 से अधिक लोग बेसहारा पशुओं के शिकार हो चुके हैं। भारत नगर में एक गाय तो पागल हो चुकी है, जो कहीं भी लोगों को देखती है तो उन पर हमला कर देती है। -कमल, भारत नगर गली नंबर 2।
बेसहारा पशुओं के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। पहले भी पशुओं को पकड़कर नंदीशाला भेजा गया है। अब फिर अभियान शुरू किया जाएगा। - पवन कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
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