सिरसा। जिले में पिछले 24 घंटे के अंदर तीन मिमी बारिश हुई है। यहां मंगलवार शाम से बादल छाए थे। मंगलवार रात दो बजे से सुबह 9 बजे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। सिरसा क्षेत्र में तीन मिमी बारिश हुई जबकि पंजुआना, रोड़ी, कालांवाली, खुइयां और गोलेवाला में सिर्फ बूंदाबांदी हुई। सुबह 10 बजे मौसम साफ हुआ। बारिश के दौरान हवा नहीं चली। इस कारण बारिश से सरसों और गेहूं की फसलों को नुकसान नहीं हुआ लेकिन सरसों की फसल कटाई प्रभावित हुई। अब तीन से चार दिनों की देरी से गेहूं और सरसों की फसल कटाई हो सकेगी।
शहर के कई चौक चौराहों पर पानी भर गया। बाजारों में टूटी सड़कों पर पानी भरने के कारण राहगीरों समेत वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद उमस होने लगी। इस कारण न्यूनतम तापमान में उछाल दिखा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस था, जो बुधवार को तीन डिग्री बढ़कर 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान मंगलवार के बराबर 33.4 डिग्री दर्ज बना रहा।
नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में हुई 591 क्विंटल सरसों की खरीद
सिरसा। जिले में पहले दिन मंगलवार को सरकारी खरीद शून्य रही थी लेकिन दूसरे दिन बुधवार को नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में 591 क्विंटल सरसों की खरीद हुई जबकि निजी एजेंसी 15,000 क्विंटल सरसों खरीद चुकी है। केवल राजस्थान की सीमा से लगते क्षेत्र में ही सरसों की कटाई तेजी से की जा रही है। मंडी में सरसों की आवक शुरू हो गई है। सरकार एजेंसी 8 प्रतिशत तक नमी वाली सरसों ही खरीदेगी जबकि सरसों में नमी की मात्रा 10 से 15 प्रतिशत तक है। इस नमी में सरसों की सरकारी खरीद नहीं हो सकती। इसलिए शेड के नीचे सरसों सुखाई जा रही है। मंडी में सरसों की आवक बेहद कम होने के कारण मंडी में बारिश का असर नहीं दिखा। मंडी में शेड के नीचे अधिक जगह होने के कारण सरसों नहीं भीगी।
हैफेड के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
सिरसा कार्यालय के बाहर बुधवार को हैफेड कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए रोष प्रदर्शन किया। हालांकि कर्मचारियों ने खरीद का कार्य जारी रखा। कर्मचारियों के अनुसार चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक चल रही है। बैठक के बाद ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।