संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा न देने पर चुनाव खर्च पर्यवेक्षक विजय सिंह ने तीन प्रत्याशियों के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज कराने की भी सिफारिश की गई है।
खर्च पर्यवेक्षक विजय सिंह बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी को तीन बार अपने चुनावी खर्च का ब्योरा खर्च पर्यवेक्षक कार्यालय में दर्ज करवाना होता है। खर्च का ब्योरा दर्ज करवाने के लिए 13 मई, 18 मई तथा 23 मई की तारीख निर्धारित की गई थी। इनमें से 13 और 18 मई बीत चुकी है। अंतिम तारीख 23 मई है। उन्होंने बताया कि बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लीलू राम आशाखेड़ा, लोकतांत्रिक लोक राज्यम पार्टी के प्रत्याशी धर्मपाल वर्तिया व आजाद उम्मीदवार करनैल सिंह ओढां ने नोटिस के बाद भी अपने खर्च का ब्योरा जमा नहीं करवाया है। इसलिए भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार इन तीनों को प्रचार के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी गई है। इन प्रत्याशियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की भी सिफारिश की गई है।
बता दें कि चुनाव आयोग की हिदायत के अनुसार एक प्रत्याशी अपने चुनाव प्रचार पर 95 लाख रुपये तक का खर्चा कर सकते हैं।