सिरसा। जिले में मंगलवार देर रात को अंधड़ के कारण बिजली के 180 खंभे और 200 से अधिक पेड़ टूट गए। बिजली के पोल टूटने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रही। अंधड़ के बाद हल्की बारिश भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मंगलवार देर रात्रि साढ़े 12 बजे मौसम में बदलाव होने के साथ ही अंधड़ ने दस्तक दे दी। इससे जिले में बिजली सप्लाई बाधित हो गई। शहर में कई जगह से बिजली के तार तो कई क्षेत्रों में खंभे टूट गए। बिजली निगम की ओर से सप्लाई को पहले ही बाधित कर दिया गया। एक घंटे तक अंधड़ के बाद हल्की बारिश हुई। इससे मौसम ठंडा हो गया और तापमान में गिरावट आई है। वहीं बिजली निगम ने सप्लाई को शुरू करने के लिए नए पोल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कई क्षेत्रों में दिनभर बिजली सप्लाई भी शुरू नहीं हो पाई।
ढाणी में प्रवेश कर गया पानी, ट्यूबवेल भी क्षतिग्रस्त
तेज अंधड़ के कारण एक पेड़ टूटकर अलीकां की माइनर में गिर गया। इसके कारण माइनर का पानी ओवर हुआ और माइनर टूट गई। इससे किसान सिकंदर, वकील, लखविंदर कौर, रामजस की करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल में जलभराव हो गया। खेत में बनी ढाणी में पानी प्रवेश कर गया। खेत में बने ट्यूबवेल क्षतिग्रस्त हो गए। किसानों ने नहरी विभाग के अधिकारियों पर आक्रोश जताते हुए कहा कि माइनर टूटने की सूचना संबंधित विभाग को दी गई परंतु 10 घंटे बीत जाने के बावजूद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। पीड़ित किसानों ने विशेष गिरदावरी की मांग करते हुए लापरवाही निभाने वाले पर कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
मंडी में पड़ा गेहूं भीगा, खेतों में कटाई का काम बाधित
रात को हल्की बारिश आने के बाद किसानों की चिंता पहले से बढ़ गई है। मंडियों में अभी दो लाख 25 हजार एमटी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है, जो बारिश के कारण गेहूं भीग गया। बारिश कम होने के कारण नुकसान नहीं पहुंचा है। किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पक कर तैयार थी। बुधवार को कंबाइन लगाकर कटाई की जानी थी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण काम बाधित हो गया है।
अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट
मंगलवार रात को बारिश के बाद अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वीरवार व शुक्रवार को बारिश के आसार हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया है। दिनभर आसमान में बादल छाए रही। इससे लोगों को गर्मी से राहत दी।