हरियाणा के जिला भिवानी में खाप प्रधान के सामाजिक बहिष्कार पर सिधनवा गांव के सिद्धनाथ धाम में पहुंचे दो गुटों में जमकर लात घूंसे चले।
दोनों गुटों पर आरोप है कि वे एक-दूसरे पर फैसले थोपकर खाप की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
घटना के बाद एकत्रित सिधनवा गांव के लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं के न दोहराए जाने का संकल्प लिया।
सर्वजातीय श्योराण खाप 84 के तहत आने वाली खाप 25 के प्रधान का रविवार को बाढड़ा क्षेत्र के उमरवास गांव में हुई पंचायत में दालवान कन्नी के कथित प्रधान ने बहिष्कार किया था।
इस मामले पर खाप 84 के पदाधिकारियों ने सिधनवा के सिद्धनाथ धाम में बुधवार को बैठक बुलाई थी।
बैठक में रविवार को हुई पंचायत की कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई और दालवान कन्नी के प्रधान को माफी मांगने के लिए कहा गया।
इसे लेकर वीरवार को दालवान कन्नी के दोनों गुट सिधनवा धाम में आ पहुंचे। दोनों गुटों में जमकर लात और घूंसे चले।
हालांकि, इस पंचायत की गांव के लोगों को कोई खबर नहीं थी, लेकिन मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
ग्रामीणों में शामिल सरपंच के प्रतिनिध सुरेश कुमार और अन्य ने इस घटना को समाज के लिए निंदनीय बताते कहा कि सिद्धनाथ धाम लोगों की आस्था से जुड़ा है।
यहां पर ऐसी घटनाएं शोभनीय नहीं देतीं। इसका समाज को विरोध करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए गांव स्तर पर कोई ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है ताकि धाम की गरिमा पर किसी प्रकार की आंच न आए।