09सीटीके05...पीठ पर लगे चोट के निशान दिखाता घायल तरूण। संवाद
रोहतक। युवक का अपहरण कर पेड़ से बांधकर छह घंटे तक यातनाएं देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को पीटने के बाद उसके जख्मों पर नमक रगड़ा गया। इसके बाद उसे मरा समझकर आरोपी छोड़ गए। किसी तरह चंगुल से छूटकर वह घर पहुंचा। यातनाएं देने वाले कोई और नहीं, बल्कि बहन के ससुराली हैं। पुलिस ने दो महिलाओं समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शिव कालोनी निवासी तरुण ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि छह जून की रात करीब नौ बजे वह अपने घर से करीब एक किमी दूर किसी काम से गया था। लौटते समय मातन गांव के प्रदीप (बहनोई) ने आवाज दी तो वह रुक गया। इसी बीच कार से चार-पांच लोग उतरे और उसका अपहरण करके ले गए। आरोपियों ने उसे कार में हाथ-पैर बांधकर पीटा। इसके बाद मातन गांव ले जाकर भी लाठी-डंडों और लोहे के पाइप से बुरी तरह पीटा। पैरों के तलवों में बुरी तरह चोट मारी और हाथ-पैर बांधकर पेड़ से बांध दिया। रात नौ बजे से तड़के करीब तीन बजे तक उसे यातनाएं दीं, बाद में उसे मरा हुआ समझकर भाग गए। रात में वह किसी तरह अपने को बंधन मुक्त करके वहां से जान बचाकर भागा और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
10 लाख मांगे थे, मोबाइल में रखा सबूत किया नष्ट
तरुण का आरोप है कि बहन की शादी के बाद से ही ससुराली कई बार रुपये ले चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी मांग बढ़ती जा रही है। इस बार 10 लाख रुपये की मांग की और पूरी न करने पर पुलिस में कार्रवाई की धमकी दी थी। लेकिन, उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया था। इस बात की पीड़ित के मोबाइल में कॉल रिकाॅर्डिंग थी। आरोप है कि सबूत नष्ट करने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने मारपीट के बाद मोबाइल में मौजूद कॉल रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिया।
वर्जन-
-पीड़ित की शिकायत पर प्रदीप, सोमबीर, सुमन, कांता और ईश्वर के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि मामला आपसी विवाद का है, इसलिए जांच के बाद ही सच सामने आएगा, उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-कुलदीप सिंह, इंस्पेक्टर