रोहतक। जिले में तैनात तहसील अधिकारी के नाम पर एक युवक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एक अधिकारी और रजिस्ट्री विभाग के एक क्लर्क ने नाम पर यह राशि ले रहा था, जबकि 10 हजार रुपये की रिश्वत पहले ही ले चुका था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार लिया है और अब अधिकारी का नाम सामने आने पर आला अधिकारी को जांच के लिए नियुक्त किया है।
हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि मॉडल टाउन में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि उसकी मां के नाम एक 160 वर्ग गज की दुकान है, जिसे उनकी मां उनके नाम करना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों के समक्ष आवेदन किया तो तहसील के एक अधिकारी और रजिस्ट्री विभाग के एक क्लर्क ने मिलकर रजिस्ट्री कराने वाले एक युवक के साथ मिलकर रिश्वत मांगी थी। इसमें दुकान को रजिस्टर्ड करने के नाम पर 1.80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसके लिए साहिल नामक युवक को 10 हजार रुपये दिए थे। बुधवार को फिर पैसे लेने के लिए साहिल को भेजा गया था। पीड़ित की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने उसे एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया है। उसी के बताए अनुसार, तहसील के एक अधिकारी और रजिस्ट्री विभाग के एक क्लर्क का नाम आया है। अधिकारी की जांच के लिए निरीक्षक भगत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की है।
आरोप : अधिकारियों ने ही मंगवाई थी रिश्वत
रजिस्ट्री विभाग में रजिस्ट्री कराने वाला युवक एलएलबी का छात्र है और वह विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम पर रजिस्ट्री कराने के नाम पर रिश्वत ले रहा था। अब इस मामले की जांच भी आला अधिकारी कर रहे हैं। हालांकि युवक ने जो बात बताई है, उससे साफ है कि अधिकारियों ने ही रिश्वत मंगवाई है।
अधिकारी और कर्मचारी को जांच के लिए नोटिस
अधिकारियों ने बताया कि तहसील के अधिकारी और रजिस्ट्री विभाग के क्लर्क को नोटिस भेजकर उक्त प्रकरण में जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। इसमें उनसे जवाब भी मांगा है।
24 सितंबर को भी की गई थी रिश्वत लेने के मामले में गाेहाना डिपो पर कार्रवाई
एंटी करप्शन की टीम ने 24 सितंबर को एफएसडी गोहाना डिपो के सहायक और तकनीकी सहायक को गिरफ्तार किया था। उक्त लोगों द्वारा राइस मिल के संचालक से माल को पास कराने के नाम पर रिश्वत ली जाती थी, जिसमें खाद्य भंडारण डिपो के सहायक, तकनीकी सहायक और डिपाे प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया था।