झज्जर। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एक बार फिर पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों की आयु को लेकर गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन के अनुसार कक्षा पहली में दाखिले की आयु 6 वर्ष कर दी गई है। पहले ये साढ़े पांच साल थी। अब जिस बच्चे उनकी आयु एक अप्रैल 2024 को 6 वर्ष होगी, वे कक्षा पहली में प्रवेश लेने के पात्र होंगे।
जिनकी आयु शैक्षणिक एक अप्रैल 2024 को 6 वर्ष से कुछ कम होगी, उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2099 के नियमों की अनुपालना में 6 माह की छूट दी जाएगी, यानी एक अप्रैल से 30 सितंबर के मध्य जो बच्चा छह साल का हो जाएगा उसे भी प्रवेश देकर पढ़ाया जाएगा। विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले सभी निजी व सरकारी स्कूलों में निर्देशों का पालन करवाए। विभाग के अनुसार ऐसे विद्यार्थी जो निजी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षा में दाखिल है और एक अप्रैल को पहली कक्षा में अपग्रेड होने वाले हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल को आयु सीमा की निर्धारित अवधि पूरा न होने की स्थिति में भी उन्हें कक्षा पहली में अपग्रेड किया जाए अर्थात उन्हें पूरे वर्ष के लिए पीछे नहीं किया जाएगा। आयु सीमा की यह छूट केवल इसी साल तथा केवल पहली कक्षा के लिए प्रदान की जानी है।
नई शिक्षा नीति के तहत की गई 6 साल आयु
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई शिक्षा नीति 2000 के तहत अब पहली कक्षा में दाखिले की उम्र 6 साल की गई है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए विभाग द्वारा अपने सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिले की न्यूनतम आयु को 5 साल 6 माह किया गया था। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की अनुपालना में बनाए गए हरियाणा राज्य के नियमों में नियम 10 की अनुपालना में शैक्षणिक वर्ष जो एक अप्रैल से शुरू होता है। उसमें नियमों के अनुसार 6 माह तक की विस्तारित अवधि की छूट प्रदान भी की गई थी। अब नए सत्र से पहली कक्षा में दाखिले की उम्र 6 साल कर दी गई है।
नए शैक्षणिक सत्र में एक अप्रैल को 6 साल के होने वाले बच्चे को पहली कक्षा में दाखिला मिलेगी। नहीं 30 सितंबर तक जो भी बच्चे 6 साल के होते जाएंगे, उनको भी उसी अनुसार पहली कक्षा में दाखिला मिलेगा।
डॉ. सुदर्शन पूनिया, जिला कोर्डिनेटर, एफएलएन, झज्जर