खाप प्रतिनिधियों व जाट आरक्षण आंदोलन के पीड़ित युवाओं व अभिभावकों की बैठक वीरवार को जाट भवन में हुई। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यशपाल मलिक के जसिया आने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही जाट सेवा संघ ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को जसिया गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
जसिया गांव के सरपंच ओमप्रकाश ने बताया कि जाट आरक्षण आंदोलन की मांगे पूरा करने व आरक्षण में पुलिस गोली से मरे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए 2016 में धरना दिया था। पीड़ित युवाओं व मृतकों के परिवारों की मदद के लिए पूरे हरियाणा के किसानों ने करोड़ों रुपये चंदा दिया। जिसे पीड़ितों पर न लगाकर दिल्ली से एक ट्रस्ट पंजीकृत करवाकर जमा धन पर अवैध कब्जा किया गया। उसका आज तक कभी कोई हिसाब नहीं दिया। जसिया में जमीन खरीद कर ट्रस्ट ने अपनी निजी संपत्ति बनाकर शिक्षण संस्थान के नाम पर चौधरी छोटूराम जैसे महापुरुषों के नाम को बदनाम करने की कोशिश की, जिसे पंचायत स्वीकार नहीं करेगी। जसिया गांव ही नहीं अपितु हरियाणा के सभी किसान व खापें यशपाल मलिक का विरोध करती हैं। क्योंकि उन्होंने हरियाणा के सामाजिक भाईचारे को बिगाड़ने का कार्य किया है। इस मौके पर जसिया के सरपंच ओमप्रकाश मलिक, जसबीर सिंह मलिक, जाखड़ खाप के प्रधान ताराचंद जाखड़, सुदीप कलकल, धनखड़ खाप प्रधान ओमप्रकाश धनखड़, जिला पार्षद वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।