रोहतक। एलपीएस बोसार्ड व यूपीएस लक्ष्मी की ओर से आयोजित सेक्टर एक स्थित पारसनाथ दिगंबर जैन गजरथ मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
पट्टाचार्य श्रुत सागर महाराज ने कहा कि शब्दों में बड़ी शक्ति होती है इसलिए मन का स्थिर होना जरुरी है। लोकमान्य तिलक के क्वाइट इंडिया के शब्द से अंग्रेजी राज की जड़े हिल गई थी। उन्होंने कहा कि शरीर में जब जीव आता है। वह निराकार होता है। इससे सारे विकार निकल जाते है। अगर मन स्थिर नहीं होगा तो कोई भी कार्य पूर्ण नहीं होगा। साथ ही मूलआकार मां है। अगर वह नहीं है तो दुनिया में कोई नहीं है। ब्रह्मा पर भी जगत जननी भारी हैं। श्रृष्टि में मां का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। इस मौके पर विजय जैन, राजेश जैन, सिद्धार्थ जैन, बलजीत राय जैन, अश्विनी जैन, आरके जैन, रीटा जैन, संध्या जैन, दीपा जैन, समृद्धि जैन, मधु जैन, उमा शर्मा, गौतम जैन, शैलेंद्र जैन, राजीव जैन मौजूद रहे।