कलानौर स्थित सती भाई साई दास आश्रम में आयोजित निरंकारी महिला संत समागम के समापन अवसर पर श्रद्धा
रोहतक। कलानौर स्थित सती भाई साई दास आश्रम में आयोजित निरंकारी महिला संत समागम का सत्य प्रेम और एकत्व के संदेश के साथ समापन हुआ। संत समागत में रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। समागम की अध्यक्षता बहन सविता सोनी ने संगत करते हुए कहा कि जब इंसान ब्रह्मज्ञान से जुड़ता है तो वह न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण समाज को प्रेम, सहनशीलता और एकता का पाठ पढ़ाता है। मानवीय गुण ही संत की पहचान होते हैं। सतगुरु जीवन जीने का ढंग सिखाते हैं। जब मानव प्रभु से जुड़ता है तो वह सुख-दुख से ऊपर उठ जाता है। प्रेम की भावना सबसे श्रेष्ठ होती है। प्रेम बांधता नहीं, प्रेम स्वतंत्रता प्रदान करता है। सतगुरु जीवन में प्रेम, करुणा, दया जैसे मानवीय मूल्यों का संचार करते हैं।