रोहतक। जाट संस्था के आठ वर्ष बाद हुए चुनाव का जोश युवाओं के साथ बुजुर्ग महिलाओं में भी रहा। इस कड़ी में मतदान केंद्रों पर 55 से 85 वर्ष की बुजुर्ग महिलाएं मतदान करती नजर आई। कोई सात किलोमीटर दूर तो कोई दस किलोमीटर दूर से मतदान करने परिवार के साथ पहुंची। जाट हाई स्कूल में बने कॉलेजियम नंबर 37 से 60 तक के मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाताओं का जोश देखते ही बन रहा था।
सुबह 10 बजे ही घर से तैयार होकर अपने बेटे-बहू के साथ मत देने के लिए निकली थीं। संस्था के लिए उचित फैसले लिए जाए, इस की उम्मीद हम तभी कर सकते है जब हम उचित प्रधान के चयन के लिए प्रयास करे व मतदान करें। -
मायादेवी (82 वर्षीय) , बोहर
बॉक्स :
संस्था की ओर से आठ वर्ष बाद प्रधान के चयन करने का मौका दिया गया है। यह मैं गवाना नहीं चाहती थी, इसलिए मत देने परिवार के अन्य सदस्यों को साथ लेकर आई हूं। परिवार से चार सदस्यों ने मतदान किया है। -अनिता (57 वर्षीय), बोहर
बॉक्स :
संविधान में दिए गए अधिकारों में से अपने प्रधान का चयन करना भी हमारा एक अधिकार है। 77 वर्ष की उम्र में अपने अधिकार का सदुपयोग करने, आज मत डालने आई हूं। युवाओं को भी मतदान का महत्व जान इसमें रुचि दिखानी चाहिए। -सरोज रानी नांदल, रिटायर्ड प्रिंसिपल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भिवानी
बॉक्स :
संस्था से जुड़ी सभी जानकारियों में रुचि रहती है। जब मतदान की खबर का पता चला, उसी दिन मतदान करने आने की योजना बना ली थी। महिलाओं का घर-परिवार के बाहर समाज के हित में हो रहे कार्यों में भी रुचि रखना जरूरी है। ममता रानी (85 वर्षीय), डीएलएफ कॉलोनी
बॉक्स :
मतदान करने आना था इसके लिए सर्दी व मतदान केंद्र की घर से दूरी की परवाह नहीं की, हरिद्वार घूमने गए मगर मतदान के लिए वापस लौट आए। समाज, संस्था व युवा की बेहतरी के लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए। मतदान से अपने पसंद के प्रधान का चयन करने का मौका कोई भी ना गवाएं। - सत्यावती (80 वर्षीय), बोहर