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Haryana: Rohtak PGI के प्रयास से साल बाद फिर पैरों पर चलने लगी महिला, हुआ सफल ऑपरेशन

Tue, 06 Dec 2022 07:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक

सार

टखने में फ्रैक्चर के बाद से महिला चलने में असमर्थ थी।  दिल का दौरा व लकवाग्रस्त महिला का इलाज चुनौतीपूर्ण था। पीजीआई के स्पोर्ट्स इंजरी विभाग में सफल ऑपरेशन हुआ है। 
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रोहतक पीजीआई में महिला के पैरों का ऑपरेशन हुआ सफल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने पैरों पर साल भर बाद खड़ी हुई हूं। चारपाई से उठकर अच्छा लग रहा है। ऑपरेशन से पहले तक उम्मीद नहीं थी कि फिर से चल पाऊंगी। टखने में सालभर पहले आई चोट के बाद से चारपाई पर थी। यह कहना है कुरुक्षेत्र की 76 वर्षीय सुमित्रा देवी का। सोमवार को हरियाणा के रोहतक में ऑपरेशन के बाद फिर अपने पैरों पर खड़ी हुई महिला ने अमर उजाला से अपनी खुशी साझा की। 

महिला ने कहा कि सालभर पहले टखने में फ्रैक्चर हो गया था। इसे कई जगह दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। फिर पीजीआई के स्पोर्ट्स इंजरी एवं स्पोर्ट्स मेडिसन सेंटर में ऑपरेशन होने का पता लगा। यहां डॉक्टर से संपर्क करने पर इलाज की उम्मीद जगी। अब ऑपरेशन के बाद फिर से अपने पैरों पर खड़ी हूं। वॉकर के साथ चल भी रही हूं। जल्दी ही वॉकर भी छूट जाएगा। 

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मुश्किल था ऑपरेशन 

चिकित्सक की मानें तो महिला के टखने का ऑपरेशन करना मुश्किल था। इसकी वजह उसका पहले से बीमार व कमजोर होना था। महिला का बाई ओर का शरीर लकवाग्रस्त था। यही नहीं, कुछ समय पहले उसे दिल का दौरा भी आया था। कॉर्डियक धमनियों में उसे दो स्टंट डाले गए थे। वह खून पतला करने की दवा भी ले रही थी। कुरुक्षेत्र में सर्जन ने रोगी का ऑपरेशन नहीं किया। सर्जरी के दौरान उच्च जोखिम के मद्देनजर ऑपरेशन की सलाह नहीं दी गई थी। इस कारण महिला एक वर्ष तक चल नहीं पाई। व्यायाम भी नहीं कर पाई। 

 

पीजीआई के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी ने महिला की जांच की। जांच के बाद उच्च जोखिम के तहत ऑपरेशन की सलाह दी गई। रोगी ने ऑपरेशन के लिए सूचित सहमति दी। संस्थान में डॉ. अंजू घई के नेतृत्व में बेहोशी विभाग की एक टीम ने रोगी को निश्चेत किया। रक्त का बहाव को रोकने के लिए टीम ने टूर्निकेट के तहत रोगी का संचालन करते हुए ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा। अब महिला वॉकर से खड़ी होने के साथ चलने भी लगी है। -डॉ. राजेश रोहिला, अध्यक्ष, स्पोर्ट्स इंजरी एवं स्पोर्ट्स मेडिसन सेंटर, पीजीआई।

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