बिजली निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण। विज्ञप्ति
रोहतक। खिड़वाली गांव के घरों में बिजली निगम को छापेमारी से पहले सरपंच की अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही इनके प्रतिनिधियों को गांव के किसी घर में जांच करने का अधिकार होगा। यह निर्णय ग्रामीणों ने सरपंच बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गांव में आयोजित एक पंचायत में सर्वसम्मति से लिया है। दो दिन पहले बिजली निगम की टीम ने गांव में छापेमारी अभियान चलाया था। इसके बाद यह पंचायत हुई है।
सरपंच बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली निगम की टीम चोरी पकड़ने के लिए आती है और बगैर बताए ही घरों में घुस जाती है। अचानक से किसी के आने से कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती है। इसके चलते ग्रामीणों ने बिजली निगम की टीम के प्रति रोष प्रकट किया है। पंचायत के फैसले के अनुसार अगर दोबारा से बिजली निगम को चोरी के केस पकड़ने हैं तो बिजली निगम को अनुमति लेकर ही गांव में आना होगा। अगर बिना अनुमति के कोई अधिकारी घर में घुसता है तो उसका जिम्मेवार वह खुद होगा। बिजली निगम की टीम गांव में आने से पहले सरपंच या अन्य को सूचित करें, वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
गांव में 60 प्रतिशत मीटर लगे हैं बाहर
बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली निगम ने खुद ही घरों में लगे बिजली मीटरों को बाहर खंभों पर लगाया हुआ है। इससे बिजली निगम ने चोरी का कोई रास्ता ही नहीं छोड़ रखा है। ऐसे में कौन चोरी करेगा। फिर भी उन्हें चोरी होने का डर है तो वह अपने इंतजाम पूरे रखें। लेकिन इस तरह बिना बताए घरों में घुसना गलत बात है।
एक्ट के तहत कहीं पर भी छापा मारा जाता है तो उसमें अनुमति नहीं ली जाती। टीम चोरी पकड़ने के लिए तारों की जांच करती है, एकाएक कभी घर में नहीं घुसती। आमजन से आग्रह भी है कि बिजली चोरी न करे, यह कानूनन अपराध है। इसे रोकने में निगम का सहयोग करें।
मनिन्दर सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम