नवीन जयहिंद के साथ पेंशन बनवाने पहुंची महिला।
- फोटो : अमर उजाला
रोहतक में पिछले आठ माह से अपनी विधवा पेंशन बनवाने के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी के चक्कर लगा रही हूं। परिवार पहचान पत्र में गड़बड़ी व पति को जिंदा बता कर पेंशन काट दी गई। अब भी किराया उधार लेकर आई हूं। घर की छत गिर चुकी है। इसलिए गांव की चौपाल में रह रही हूं। इस पर भी कर्मचारी कहते हैं, जहां मर्जी जा, जो करना है कर ले, पेंशन नहीं बनेगी। यह दर्द है सांघी की वृद्ध महिला बबली का।
वह मंगलवार दोपहर को अपनी विधवा पेंशन बनवाने के लिए नवीन जयहिंद को साथ लेकर लघु सचिवालय स्थित समाज कल्याण कार्यालय पहुंची थी। यहां अमर उजाला से बातचीत में महिला ने अपना दर्द साझा किया। वृद्धा ने कहा कि यहां दूसरे साहब ने कहा है कि अब दोबारा आने की जरूरत नहीं है। सारे कागज भी ले लिए हैं। कहा है कि जल्दी ही पेंशन और पुरानी आठ माह की पेंशन एरियर के तौर पर खाते में आ जाएगी।
यह भी पढ़ें : Jind: राकेश टिकैत से नाराज हुए जींद के किसान, खटकड़ टोल धरना कमेटी ने लिया बड़ा फैसला
डॉ. नवीन जयहिंद ने कहा कि वृद्धा अपनी पेंशन की शिकायत लेकर आई थी। इन शिकायतों की भरमार लगी है। रोजाना बड़ी संख्या में बुजुर्ग परेशान होकर आ रहे हैं। इनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। यहां सहायक से बात हुई है। महिला के मृत पति का मृत्यु प्रमाण समेत अन्य सभी दस्तावेज फिर जमा करा दिए हैं। सहायक ने जल्दी ही पेंशन मिलने का आश्वासन दिया है। ऐसा नहीं हुआ तो सरकार को दो बिटोडे गोस्से (उपले) भेजेंगे। समाधान हो गया तो बुजुर्ग मिठाई भेजेंगे। सरकार लोगों की दिवाली काली न होने दे।