रोहतक। ठंड अब ठिठुराने लगी है। रात का तापमान 8 डिग्री से नीचे बना हुआ है। मौसम में बदलाव के साथ जल्द कोहरा छा सकता है। ऐसे में बगैर सफेद पट्टी वाली ऊबड़-खाबड़ सड़कों से आवागमन खतरे से खाली नहीं है। कोहरे को देखते हुए अब तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में शहर व बाहरी इलाके में कोहरे के बीच कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अमर उजाला टीम ने वीरवार को सड़कों की हालत जानने व कोहरे के लिए तैयार सड़कों का जायजा लिया तो यह सच सामने आया।
सर्दी में घने कोहरे के बीच सफेद पट्टी राह दिखाने का काम करती है। ऐसे में यह सफेद पट्टी वाहन चालकों का सहारा बनती है। फिलहाल ज्यादातर सड़कों से सफेद पट्टी नदारद है। कोहरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सड़क परिवहन को बेहतर व सुगम बनाने की दिशा में कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
हालात यह हैं कि उबड़-खाबड़ सड़कों का लेवल तक नहीं किया गया है जबकि इन्हें सुगम बनाने के लिए इनकी मरम्मत करने की जरूरी है। यही हालत दिल्ली रोड पर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के सामने की सड़क की है। यहां नई सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क तो बनी मगर इसके निर्माण के समय न तो लेवल पर ध्यान दिया गया न नियमों का। नतीजतन ऊबड़-खाबड़ सड़क लोगों की परेशानी बनी हुई है।
यहां नजर नहीं आई सफेद पट्टी
शहर के पुराना बस स्टैंड से भिवानी चुंगी, दिल्ली रोड, सोनीपत रोड, गोहाना रोड, झज्जर रोड से मायना गांव तक कहीं भी सफेद पट्टी नजर आई। इसके अलावा दिल्ली रोड पर तिलियार पर्यटन केंद्र के सामने, दिल्ली बाईपास, सर्कुलर रोड, शिवाजी कॉलोनी चौक से लेकर सुनारिया तक सफेद पट्टी नहीं है। कुछ हिस्सों में पट्टी दिखाई बेहद धुंधली हालत में। घने कोहरे में दृश्यता कम होने पर इनका नजर आना मुश्किल है। ऐसे में हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय से आईएमटी जाते समय सफेद पट्टी नहीं है, लेकिन शहर की तरफ आते समय पट्टियां बनी हैं। सोनीपत रोड पर सफेद पट्टी नहीं हैं। भिवानी रोड हाईवे की शुरुआत से ही कोई पट्टी नहीं है। फ्लाईओवर पर कहीं एक साइड में तो कहीं सड़क के मध्य की पट्टी नजर आई। फ्लाईओवर से लेकर नहर तक पट्टी गायब मिली।
यहां गड्ढे, सफेद पट्टी नदारद
सड़कों पर गहरे गड्ढे भी खतरनाक साबित हो रहे हैं। जिले के कई प्रमुख सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं। डीसी आवास के पास, शांतमई चौक, झज्जर मोड़, झज्जर रोड व चुंगी, आरटीओ कार्यालय के पास, कन्हेली फ्लाईओवर, दिल्ली बाईपास चौक पर सड़क जर्जर है। दिल्ली रोड पर तिलियार लेक से ही धूल के गुबार नजर आते हैं। यहां की जर्जर सड़क के कारण हर समय धूल उड़ती रहती है। शीला बाईपास चौक से नए बस स्टैंड की तरफ सड़क आधी बनी है। नए बस स्टैंड से राजीव गांधी स्टेडियम और यहां से गोहाना व सुखपरा चौक से जींद बाईपास, हिसार बाईपास, पुराना बस स्टैंड से भिवानी चुंगी, सुनारिया रोड पर सड़कें टूटी हैं।
हादसे का बना रहता है खतरा
टूटी सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा समस्या आती है। यहां रात के समय हादसा होने की आशंका बढ़ जाती है। हजारों वाहन यहां से गुजरते हैं। शीतल नगर में करीब एक किलोमीटर तक सड़क जगह-जगह उखड़ी पड़ी है। वहीं, आधी सड़क अधूरी है।
वर्जन
सड़कों की स्थिति पूरे शहर की ही लचर है। कुछ जगह काम चल रहा है, कुछ जगह काम होना है। जहां ज्यादा दिक्कत है, वहां पहले काम किया जा रहा है। इसके लिए पहले अनुमान लगाया जाता है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया होती है। टेंडर जारी होने के बाद काम शुरू होता है। अशोका रोड का टेंडर हो गया है। शुक्रवार को इसका सैंपल लिया जाएगा। काठ मंडी, डीएलएफ का काम शुरू होने वाला है। टेंडर लग चुके बड़े काम पहले पूरे होंगे।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम।