रोहतक। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के विस्थापितों के सर्वे को लेकर गड़बड़ी सामने आ रही है।
आठ विस्थापितों का दावा है कि उनकी दुकानें हैं, लेकिन नगर निगम ने सर्वे में मकान लिख दिया। जबकि निगम की टीम चार साल में कई बार सर्वे करे आ चुकी हैं। इसकी लिखित शिकायत पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, एसडीएम राकेश कुमार व निगम प्रशासन को दी है।
नगर निगम की तरफ से रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के साथ-साथ पुरानी रेलवे लाइन को हटाकर सड़क बना रहा है। साथ ही दूसरी तरफ बजरंग भवन से चिन्नोट कालोनी तक भी सड़क का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए नए मकान व दुकान तोड़ी जानी हैं। इसके लिए निगम प्रभावित भवन मालिकों से सहमति ले रहा है। 33 लोगों की सहमति पहले ली जा चुकी है। जबकि बाकी की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों की दुकानें टूटी हैं, उनको पावर हाउस चौक पर स्वामी विवेकानंद कांप्प्लेक्स में दुकानें दी जानी हैं। जबकि मकान के बदले पीजीआईएमएस की जमीन में जगह दी जानी है। अब आठ भवन मालिक सामने आए हैं। उनका कहना है कि निगम ने सर्वे में उनकी दुकानों को मकान लिख दिया। जबकि उनकी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। निगम अब जांच पड़ताल कर रहा है, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
ये भवन मालिक आए सामने
नाम सर्वे नंबर
भारत भूषण ढंग 116
ममता 117
सत्या 118
चिमनलाल सुखीजा 119
ब्रजलाल 120
कृपाल सिंह 124
विमल मिनौचा 127
राहुल सपड़ा 134
40 साल से दुकान चल रही है। यहां तक उनकी रजिस्ट्री भी कामर्शियल है। इसके बावजूद दुकान की जगह मकान लिखा हुआ था। अब लिखित में निगम प्रशासन को अर्जी दी है कि उनकी जगह को व्यावसायिक मानकर मुआवजा दिया जाए।
भारत भूषण ढंग
15 साल से बैकरी की दुकान चला रहा हूं। निगम कई बार सर्वे करने आया, लेकिन पता नहीं क्यों दुकान को मकान लिख दिया।
राहुल सपड़ा
40 साल से दुकान चला रहा हूं। दो बार निगम की टीम सर्वे करने आई। पहले एसडीएम व इसके बाद पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के पास गए। पूर्व मंत्री ने राहत का आश्वासन दिया है।
संजीव कुमार
मामला उनके नोटिस में आया था। नगर निगम में पूरा रिकार्ड भेज दिया है। अब निगम प्रशासन को निर्णय लेना है।
राकेश कुमार, एसडीएम
सभी दावेदारों की रजिस्ट्री की जांच करवा रहे हैं। साथ ही दूसरे सबूत भी देखे जा रहे हैं। किसी के साथ अन्य नहीं होगा। पहले सर्वे में क्या कमी रही, इसकी भी छानबीन करवाएंगे।
धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त, नगर निगम
काॅमर्शियल दावेदार ज्यादा, दुकानें कम
नगर निगम की तरफ से एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को दुकानें देने के लिए पावर हाउस चौक पर स्वामी विवेकानंद कांप्लेक्स का निर्माण करवाया है। कांप्लैक्स में भू-तल पर 56 दुकानें हैं। इतनी ही ऊपर बनी हुई हैं। सभी दावेदार नीचे की दुकानें लेना चाहते हैं। अब दावेदारों की संख्या 62 तक पहुंच गई है, जबकि चार की सहमति मिलनी बाकी है। संख्या 66 तक हो सकती है। इतना ही नहीं, पहले 33 दुकानदारों ने इस शर्त पर सहमति दी थी कि उनको बिना ड्रा के दुकानें मिलेंगी। अब निगम प्रशासन को निर्णय लेना है कि कैसे व्यवस्थापितों को दुकानें अलॉट करता है।
निगम की तरफ से चार साल में कई बार सर्वे करवाया जा चुका है। ऐसे में कैसे दुकानों को मकान लिखा गया है। अगर अब दावा करने वाले भवन मालिक सही हैं तो सर्वे करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अशोक खुराना, पूर्व पार्षद नगर निगम