रोहतक। मौसम में उठापटक का दौर शनिवार को भी जारी रहा। सुबह से शाम तक मौसम के कई रूप नजर आए। सुबह की शुरुआत धूप के साथ हुई। दोपहर बाद बादलों के आगे सूर्यदेव का तेज फीका पड़ गया। कई देर तेज हवा के झोंकाें ने सताया। बाद में ओलावृष्टि ने ठंडक का एहसास कराया। धूप के बीच भी बूंदाबांदी का सिलसिला कई देर चला।
मौसम का बदला रूप राहत के साथ आफत भी लेकर आया। पश्चिमी विक्षोभ के चलते करीब आधा घंटे की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। किंतु सड़काें पर पानी भरने और फसलों के बिछने से आमजन और किसानों के माथे पर परेशानी के भाव नजर आए। हालांकि मौसम में ठंडक घुलने से शाम को शहर के बाजारों और पार्काें में रौनक नजर आई।
बारिश से सेक्टर चार, एक, दो, तीन, 14 में पानी भर गया। सेक्टर चार निवासी सुरेश भारद्वाज ने बताया कि ओलावृष्टि और बारिश से घर से निकलना मुश्किल हो गया। पार्कों में भी पानी भर गया। सोनीपत रोड, मेडिकल मोड, पीजीआईएमएस, जाट भवन, नेताजी चौक, सोनीपत स्टैंड, गोहाना अड्डा आदि क्षेत्र में सड़कों पर पानी भर गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम पानी निकालने में लगी रही। वहीं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) व पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) परिसर में अधिक ओलावृष्टि हुई। यहां सड़क पर ओलों की परत बिछ गई।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री व न्यूनतम 15.6 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को भी मौसम विभाग के अनुसार बारिश की संभावना है। इसके अलावा तीन व चार को फिर पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज बदलेगा है।
अनाजमंडी में पहुंची सरसों और गेहूं, नमी के चलते नहीं हो रही खरीद
रोहतक। शनिवार को अनाजमंडी में किसान सरसों व गेहूं लेकर पहुंचे। हालांकि गिने-चुने ही किसान अपनी फसल ले कर पहुंचे। सरसों में नमी के चलते फसल की खरीद नहीं हो पाई। किसानों को अपनी फसल की नमी दूर करने के लिए शेड के नीचे रख ली है। हालांकि मौसम खराब होने के चलते किसानों की समस्या बढ़ गई है कि उनकी फसल की नमी कैसे दूर होगी।
बलियाना से आए किसान ने बताया कि वह सरसों लेकर मंडी आए हैं। पहले 6500 रुपये भाव था, अब 4800 से 5100 रुपये है। जबकि सरकारी रेट 5420 रुपये हैं। इसे पहले झाड़ेंगे फिर बिकेगी। मौसम खराब होने के चलते फसल खराब हो चुकी है। सुनारिया के कपिल ने बताया कि वह तीन दिन से मंडी में हैं। सरसों लेकर आया है इसमें नमी अधिक है। सरकारी खरीद एजेंसी आठ प्वांइट नमी तक खरीद रहे हैं। फसल सुखाने के लिए कहा गया है। वहीं गांव गिरावड के संदीप ने बताया कि वह दो ट्राॅली में सरसों लेकर आए हैं। फसल को शेड के नीचे रखा है। इसमें अधिक नमी बताई गई है, इसके चलते खरीद नहीं हो पा रही है। अभी नमी 12 से 13 बता रहे हैं। खरीद एजेंसी कह रहीं हैं कि नमी दूर होने के बाद भी ही खरीद होगी। वहीं मंडी में सोनीपत से आए मोनू ने बताया कि उनका गेहूं 2182 में बिका है। वह एक ट्राली गेहूं लाया था। इसका सरकारी रेट 2125 है।
सरसों के 600 कट्टे मंडी में आए हैं। इसके बाद बारिश आ गई। किसानों ने अपनी फसल को शेड में रख कर बचा लिया। गेहूं अभी नया नहीं आ रहा है।
- मुकेश बंसल, प्रधान, अनाज मंडी