रोहतक। बारिश के मौसम में वायरल के मरीजों में इजाफा हुआ है। पीजीआईएमएस से लेकर नागरिक अस्पताल में मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं। आपातकालीन विभाग में पहुंचने वाले मरीज को ड्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ाई जा रही है। साथ ही जांच के लिए रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं। इस मौसम में डेंगू व मलेरिया होने की ज्यादा संभावना रहती है।
नागरिक अस्पताल की मेडिसिन की ओपीडी में करीब 70 प्रतिशत मरीज वायरल के आ रहे हैं। यहां रोजाना करीब 300 मरीजों की औसतन ओपीडी लगती है। ऐसे ही पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग में रोज 800 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 60 प्रतिशत वायरल के हैं। इसके अलावा डायरिया, पेट दर्द, सांस आदि की समस्या के अन्य मरीज हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर घरों और मोहल्लों में जाकर रक्त के नमूने लेने के साथ-साथ लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस दे रहा है।
जांच के लिए ले रहे रक्त के नमूने
पीजीआई व नागरिक अस्पताल पहुंचने वाले लगभग सभी वायरल बुखार के मरीजों के रक्त के नमूने लेकर उनका परीक्षण किया जा रहा है। पीजीआई प्रशासन डेंगू और मलेरिया की बीमारी को लेकर सतर्क है। आपातकालीन विभाग के कमरा संख्या छह को डेंगू के मरीजों के लिए आरक्षित रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को लार्वा मिलने पर 66 लोगों को नोटिस दिया है। अबतक कुल 5306 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
जिलेभर में आए डेंगू के मामले, सैंपल व नोटिस
केस संख्या
डेंगू 3
मलेरिया 1
सैंपल 1184
नोटिस 5306
वर्जन
कभी धूप, कभी छांव और बारिश के कारण इस मौसम में वायरल के मरीज बढ़ जाते हैं। फिलहाल ज्यादातर मरीजों के रक्त के नमूने लेकर उनका इलाज किया रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ होने पर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। गंभीर मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
-डॉ. प्रियंका, उप चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस