रोहतक। आज के आधुनिक व डिजिटल युग में निजी डेटा को गोपनीय रखना कितना आवश्यक है, हम सभी जानते हैं। मोबाइल फोन में रोजाना अनगिनत एप्लीकेशन व सोशल मीडिया का भी प्रयोग करते हैं। इनका इस्तेमाल करने से पहले फोन नंबर, मेल आईडी, पता व अन्य निजी जानकारी ली जाती है। ऐसे में अनजाने में हम अनाधिकृत एप्लीकेशन व वेबसाइट मोबाइल में डाउनलोड कर लेते हैं। इनके जरिए निजी जानकारी बिना अनुमति डार्क वेबसाइट व साइबर ठगी के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। ऐसे में स्कूली बच्चों में जागरूकता होना आवश्यक हो गया है।
न्यू विजय नगर निवासी विनय ग्रोवर ने 17 वर्ष की उम्र में परिवार, पड़ोसी व दोस्तों को उनकी निजी जानकारी का गैरकानूनी इस्तेमाल व साइबर ठगी का शिकार होता देख निजी जानकारी को गोपनीय रखने का महत्व समझा। विनय ने बताया कि एक स्कूली कंप्यूटर प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के बाद से उनकी कंप्यूटर की दुनिया में रुचि बढ़ी और उससे संबंधित शिक्षा प्राप्त करने का निर्णय लिया। साथ में समाज सेवा संगठनों के जुड़कर, लोगो को निजी जानकारी गोपनीय रखने हेतु व साइबर ठगी से बचाव बारे जागरूक करना शुरू कर दिया। इसमें विनय को परिवार से पिता और छोटी बहन का अधिक सहयोग मिला। आज विनय जिले में लगभग 100 लोगों की टीम, एथिक्स अवेयरनेस के नाम से चलाते हैं व जागरूकता शिविर का आयोजन करते हैं। भविष्य में डेटा प्राइवेसी व साइबर सुरक्षा से संबंधित एप्लीकेशन बनाने पर कार्य कर रहे हैं।
बॉक्स : एप्लीकेशन व वेबसाइट डाउनलोड और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय इन बातों का विशेष रखें ध्यान
1. अनाधिकृत एप्लीकेशन व वेबसाइट का इस्तेमाल न करें
2. अज्ञात व्यक्ति को अपने साथ सोशल मीडिया पर न जोड़ें
3. मोबाइल में सभी एप्लीकेशन हमेशा अपडेट रखें
4. निजी जानकारी केवल आवश्यक होने पर ही साझा करें