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Rohtak News: घिलौड़ कलां में ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ा

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स्कूल को ताला लगाते ग्रामीण । संवाद
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रोहतक। छह साल बाद भी कंडम बिल्डिंग तोड़कर दोबारा न बनाने पर गोहाना रोड स्थित घिलौड़ कलां के ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। एसडीएम की ओर से तीन माह में समस्या के समााधान का आश्वासन मिलने पर आठ घंटे बाद ताला खोला गया।
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गांव के सरपंच अनिल देशवाल ने बताया कि उनके गांव में 12वीं तक का स्कूल है, जो 1948 में बनी बिल्डिंग में चलता है। 2018 में लोकनिर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्कूल की बिल्डिंग को कंडम घोषित कर दिया था। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने का एस्टीमेट तैयार हो चुका है। वे जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में गए, लेकिन स्कूल की बिल्डिंग की फाइल ही नहीं मिली। अब बारिश में स्कूल के अंदर व बाहर पानी भरा हुआ है। बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है, ऐसे में ग्रामीण अपने बच्चों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते। इसलिए मजबूरी में निजी स्कूलों में ग्रामीण बच्चों के दाखिल करवा रहे हैं। इस कारण 12वीं तक का स्कूल होने के बावजूद सरकारी स्कूल में मात्र 125 छात्र बचे हैं। उनकी जान भी खतरे में है। एक दिन पहले गांव में पंचायत हुई, जिसमें स्कूल के गेट पर ताला लगाने का निर्णय हुआ था।

साढ़े सात बजे लगाया ताला, सड़क पर बैठा रहा स्कूल स्टाफ
शुक्रवार सुबह ग्रामीण स्कूल के गेट पर पहुंचे और करीब साढ़े सात बजे गेट पर ताला जड़ दिया। ज्यादातर विद्यार्थी पहले स्कूल नहीं आए और जो आए वे वापस लौट गए। स्कूल स्टाफ को बाहर सड़क पर एक घर के सामने कुर्सी देकर बैठाया गया।
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तीन माह में टूट जाएगी कंडम बिल्डिंग
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने ताला नहीं खोला। करीब साढ़े तीन बजे शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एसडीएम राकेश सैनी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का भरोसा दिया कि तीन माह के अंदर कंडम बिल्डिंग को तोड़ दिया जाएगा। साथ में नया काम भी शुरू हो जाएगा। तब तक 125 विद्यार्थी स्कूल के पीछे सही हालत में तीन कमरों के अंदर बैठेंगे।

ग्रामीणों को समझा दिया गया, जिस पर वे ताला खोलने पर सहमत हो गए। तय समय अवधि में स्कूल की कंडम बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा, ताकि नई बिल्डिंग बनने का काम शुरू हो सके। वे व्यक्तिगत तौर पर जल्द काम शुरू कराने का प्रयास करेंगे।
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राकेश सैनी, एसडीएम, रोहतक
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